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December 2, 2021

अवधभूमि

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100 सीटों पर भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है राजा भैया की पार्टी, भाजपा और सपा के बागियों पर राजा भैया की नजर

लखनऊ। जनसत्ता दल सुप्रीमो राजा भैया 2022 के चुनाव में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने को बेताब है। पार्टी कम से कम 25 सीटें जीतना चाहती है जिससे कि आने वाली सरकार के गठन में राजा भैया और जनसत्ता दल की अहम भूमिका हो।

अंदर खाने से यह जानकारी मिली है कि भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना लगातार धूमिल होती जा रही है ऐसे में राजा भैया ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी है। हाल ही में राजा भैया की दो यात्राएं काफी चर्चा में रही। बेंती से अयोध्या कि उनकी यात्रा में सुल्तानपुर फैजाबाद में कई दिग्गजों से मुलाकाते हुई जो आने वाले समय में राजा भैया के साथ जुड़ सकते हैं। इनमें सबसे अहम नाम इसौली के पूर्व विधायक चंद्र भद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह का है जबकि फैजाबाद में अभय सिंह भी राजा भैया के संपर्क में है। जौनपुर के धनंजय सिंह के अलावा भदोही और मिर्जापुर में भी राजा भैया ने अपनी तैयारियां पूरी कर रखी है।

अमेठी और रायबरेली में भी भाजपा की राह रोकेगी जनसत्ता दल

अमेठी रायबरेली बाराबंकी में भी राजा भैया की एक अलग रणनीति है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले पूर्व सांसद और एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी अमेठी रायबरेली और बाराबंकी के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जनसत्ता दल अमेठी की सभी पांच विधानसभाओं में अपने प्रत्याशी उतार सकती है। एमएलसी गोपाल जी स्वयं संभावित प्रत्याशियों के दमखम का जायजा ले रहे हैं। सूत्रों की माने तो प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। काफी समय से भारतीय जनता पार्टी से नाराज चल रहे अमेठी नरेश संजय सिंह और जामो रियासत के गोपाल जी मिलकर कुछ नया गुल खिलाने वाले हैं जिससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ेंगी ना केवल भाजपा की बल्कि सपा की राह भी आसान नहीं होगी।

रायबरेली में भी भाजपा के लिए काफी मुश्किलें हो सकती हैं यहां भी जिनका टिकट कटेगा वह जनसत्ता दल का दामन थाम सकते हैं पार्टी यहां भी कम से कम 3 विधानसभाओं में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।

बुंदेलखंड में दिखा जनसत्ता दल का दमखम:

राजा भैया की लखीमपुर से झांसी की यात्रा के दौरान जिस तरह से उत्साह दिखा उससे उनकी लोकप्रियता और युवाओं में उनका क्रेज फर्स्ट नजर आया। उन्नाव कानपुर हमीरपुर महोबा झांसी में कई दिग्गजों ने उनसे मुलाकात की है जिससे माना जा रहा है कि यहां भी राजा भैया कई मजबूत उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार सकते हैं जो सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के अलावा विपक्ष की राह भी मुश्किल बना सकते हैं। राजा भैया का लक्ष्य कई जगह पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का भी है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजा भैया की लोकप्रियता को भुना सकता है जनसत्ता दल:

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 सीटों पर जनसत्ता दल की निगाहें है। इनमें वह सीटें भी शामिल है जहां पर गुर्जर और राजपूतों के बीच राजा मिहिर भोज की जाति को लेकर महाभारत छिड़ा हुआ है। राजपूत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से खासे नाराज हैं क्योंकि उन्होंने गुर्जर सम्राट के रूप में दादरी में राजा मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया। इसको लेकर गांव गांव में राजपूतों की पंचायत हुई और भारतीय जनता पार्टी के बहिष्कार की घोषणा की गई ऐसी परिस्थिति में राजा भैया के नेतृत्व वाली जनसत्ता दल वहां एंट्री कर सकती है। और अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकती है गाजियाबाद बुलंदशहर बागपत इटावा मैनपुरी अलीगढ़ जनपदों से बड़ी संख्या में लोग राजा भैया के नेतृत्व वाले जनसत्ता दल का टिकट पाने के प्रयास में है। कहां जा रहा है कि लगभग 25 से 40 सीटों पर राजपूत मतदाता निर्णायक वोटर हो सकते हैं।

कुल मिलाकर राजा भैया के नेतृत्व वाले जनसत्ता दल की तैयारियां जमीनी स्तर पर काफी मजबूत मानी जा रही है और आने वाले विधानसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन से पार्टी राजनैतिक पंडितों को चौका सकती है।