
नकली शराब पर अब लगेगी ‘फुलस्टॉप’ — फर्जी शराब की पहचान करेगा यूनिक ऐप, UP सरकार की बड़ी कार्रवाई
डिस्टलरी प्रबंधन के साथ हाई-लेवल बैठक में तय हुई रणनीति — अवैध कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ेंगी
लखनऊ | विशेष रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में नकली शराब, मिलावट और शराब तस्करी पर कठोर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। आबकारी विभाग ने निर्णय लिया है कि एक यूनिक एडवांस्ड एप्लीकेशन विकसित किया जाएगा, जो किसी भी शराब की बोतल की रीयल-टाइम में सत्यापन कर सकेगा।
इस एप्लीकेशन के माध्यम से उपभोक्ता, फील्ड स्टाफ और विभाग—तीनों यह जांच पाएंगे कि बोतल असली है या नहीं। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अवैध शराब से जुड़े किसी भी नेटवर्क को खत्म करने के लिए टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन एक्शन प्लान लागू किया जाएगा।
⭐ मीटिंग की मुख्य बातें
🔹 1. यूनिक एप्लीकेशन से फर्जी शराब की तुरंत पहचान
- हर बोतल पर यूनीक/QR कोड
- स्कैन करते ही उत्पाद की पूरी डिटेल
- असली-नकली की पहचान कुछ सेकंड में
🔹 2. तस्करी और मिलावट पर कड़ा एक्शन
- जिले की सीमाओं पर स्पेशल इंटेलिजेंस
- अवैध सप्लाई चेन पर निगरानी
- पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई व आर्थिक दंड
🔹 3. डिस्टलरी प्रबंधन की जिम्मेदारी तय
- उत्पादन से डिस्पैच तक ट्रैकिंग
- नियमों के उल्लंघन पर सख्त विभागीय कार्रवाई
- रिकॉर्ड और स्टॉक की डिजिटल मॉनिटरिंग
🔹 4. अवैध गतिविधियों की इंटरनल ट्रैकिंग तेज
- वाहन मूवमेंट की जियो-ट्रैकिंग
- स्टॉक, रिलीज और डिस्पैच डेटा का क्रॉस-ऑडिट
- फील्ड-स्टाफ की जवाबदेही स्पष्ट
नकली शराब पर टेक्नोलॉजी आधारित बड़ी पहल
नए डिजिटल सिस्टम के लागू होने के बाद—
- नकली शराब फैक्ट्रियों पर कार्रवाई तेज होगी,
- इंटर-स्टेट तस्करी पर रोक लगेगी,
- और उपभोक्ताओं को सुरक्षित उत्पाद मिल सकेगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह कदम बाजार में फर्जी शराब की संभावनाओं को लगभग समाप्त कर देगा।




More Stories
जौनपुर आबकारी विभाग में कथित रिश्वतखोरी का मामला: कोर्ट के आदेश पर निरीक्षक और सिपाही के खिलाफ FIR, अब तत्कालीन डिप्टी एक्साइज कमिश्नर की भूमिका पर भी उठे सवाल
शराब माफिया घोषित हुआ हिस्ट्रीशीटर मनोज जायसवाल, चार सहयोगी भी रडार पर:
अवध भूमि न्यूज़ की खबर का असर? प्रतापगढ़ में 13 वीडीओ के स्थानांतरण आदेश निरस्त: