
गाजियाबाद। जिला आबकारी अधिकारी प्रवर्तन अधिकारी और डिप्टी की मिली भगत से गाजियाबाद शराब तस्करों का स्वर्ग बना हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक बॉन्ड की जो भी दुकान गाजियाबाद में है वहां पर शराब तस्करी का माल होता है और इसी इसी बॉन्ड वाली दुकान के नाम पर रिटेल प्रीमियम शॉप मॉडल शॉप और बीयर बार में जहां पलटी की शराब बड़ी मात्रा में बेची जा रही है और आबकारी राजस्व को प्रतिमा कई करोड रुपए का चूना लगाया जा रहा है वहीं गाजियाबाद से ही गुजरात पंजाब बिहार जैसे राज्यों में शराब तस्करी खुलेआम की जा रही है जिस पर आबकारी विभाग अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम रहा है वजह यह रही है कि जिला आबकारी अधिकारी और डिप्टी का यहां के शराब माफियाओं से सीधा कनेक्शन है।
पिछले महीने 9 फरवरी को शराब माफियाओं के एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा क्राइम ब्रांच द्वारा किया गया था जिसमें बिहार जाने वाले एक टैंकर में 13 लख रुपए से अधिक मूल्य की शराब बरामद हुई थी।
गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच की टीम ने वेव सिटी क्षेत्र में एक कैंटर चालक को गिरफ्तार किया था। जांच करने पर खाली दिखने वाली कन्टेनर की बॉडी में फेरबदल कर बनाए गए लॉकर से टीम ने शराब की 150 पेटी बरामद की है। पकड़ा गया चालक नागेन्द्र (49) निवासी ग्राम पाचनौर थाना बेलसंड जिला सीतामढ़ी बिहार है। तस्कर चालक को एक फेरा लगाने के 15 हजार रुपये देते हैं। नागेंद्र हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश और पंजाब से शराब तस्कर बिहार और राजस्थान में शराब की तस्करी करता पकड़ा गया । ऐसे में सवाल उठता है कि जब से संजय कुमार गाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी बने अचानक शराब तस्करों ने अपना खेल शुरू कर दिया और शराब माफिया बिहार के निकले जबकि जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार भी मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं ऐसे में इसे संयोग कहा जाए या प्रयोग।
कुल मिलाकर विभाग के उच्च अधिकारी गाजियाबाद में शराब तस्करों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं देखना है इस मामले पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
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