November 26, 2022

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जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय प्रतापगढ़: अनियमितता और अराजकता का बोलबाला: पंचायतों का डोंगल और पासवर्ड प्राइवेट लोगों के पास:

प्रतापगढ़। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में इस समय अनियमितता और अराजकता का बोलबाला है। सूत्रों से पता चला है कि ग्राम पंचायतों के डोंगल आए दिन बाधित होते रहते हैं। ऐसे में जब प्रधान और सेक्रेटरी जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में संपर्क करते हैं तो उनका डोंगल पुनः काम करने लगता है। डोंगल का यह खेल धड़ल्ले से जारी है। इस संबंध में जब जिला पंचायत राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्राम पंचायत की तरफ से कोई लिखित शिकायत करें तो उस पर कार्रवाई का विचार हो सकता है। सभी जानते हैं कि जब इसमें जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय स्वयं इंवॉल्व है तो किस प्रधान या पंचायत की हिम्मत है शिकायत करें।

अवैध रूप से पंचायतों में गेटवे पोर्टल को इंस्टॉल करने के लिए ली गई बाहरी लोगों की मदद

डोंगल के माध्यम से अवैध भुगतान को रोकने के लिए शासन ने गेटवे पोर्टल लांच किया है। इस पोर्टल के माध्यम से अब पंचायतों का भुगतान ग्राम पंचायत सीमा के बाहर जाकर नहीं किया जा सकता। भुगतान के लिए पहला डोंगल सेक्रेटरी लगाता है जबकि अंतिम डोंगल प्रधान का होता है। शासन का निर्देश था कि सभी ग्राम पंचायतें अपने कार्यालय कंप्यूटर में गेटवे इंस्टॉल करें। इस कार्य के लिए किसी प्रकार का कोई प्रशिक्षण प्रधान या सेक्रेटरी को नहीं दिया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय की ओर से मौखिक रूप से जिले के कुछ डोंगल एक्सपोर्ट को पंचायतों की मदद के लिए अवैध रूप से भेजा गया। आरोप है कि उक्त लोगों ने कई ग्राम पंचायतों में खाते से पैसे भी ट्रांसफर किए। इस मामले में गौरा मांधाता और सदर ब्लॉक से कुछ सूचनाएं आई।

शहर के एक साइबर कैफे संचालक के पास मौजूद है कई प्रधानों के डोंगल के लॉगिन पासवर्ड

नवनिर्वाचित प्रधान के डोंगल बनाने के लिए जिस फार्म को अवैध रूप से काम दिया गया उसने ज्यादातर प्रधानों और सचिवों के डोंगल संबंधी लॉगिन पासवर्ड अपने पास रख लिए और यहीं से ग्राम पंचायतों के खातों तक पहुंच बना ली गई। आए दिन ग्राम पंचायतों के डोंगल बाधित हो जाते हैं और जब यह लोग जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में संपर्क करते हैं तो स्वता ही डोंगल काम करना शुरू कर देता है।

क्या कहता है नियम

नियमानुसार ग्राम पंचायतों का डोंगल एडीओ पंचायत तब बाधित करता है जब पंचायतों द्वारा किसी प्रकार के अवैध भुगतान की शिकायत प्राप्त होती है। लेकिन प्रतापगढ़ जनपद में बहुत सी पंचायतों का डोंगल कारण बाधित हो जाता है और बिना किसी लिखा पढ़ी के मात्र जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में माथा टेकने से डोंगल काम करने लगता है।

गेटवे पोर्टल इंस्टॉल करने में पंचायतों से की गई ₹2000 की वसूली

एक तरफ जिला पंचायत राज अधिकारी कह रहे हैं कि गेटवे पंचायतों में अपने स्तर से इंस्टॉल हुआ वहीं दूसरी ओर सूत्रों ने दावा किया है कि प्रतापगढ़ शहर के एक साइबर कैफे संचालक और उसकी टीम द्वारा बहुत सी ग्राम पंचायतों के कार्यालयों में लगे कंप्यूटर में गेटवे इंस्टॉल करने की आड़ में न केवल लॉगिन पासवर्ड चुराया बल्कि पंचायतों से ₹2000 तक की वसूली भी की। आरोप यह भी है कि इस दौरान कई ग्राम पंचायतों के खातों से पैसे भी ट्रांसफर किए गए। बहुत से प्रधानों ने स्वीकार किया की गेटवे पोर्टल स्थापित करने के लिए ₹2000 तक चुकाना पड़ा।