October 5, 2022

अवधभूमि

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अष्टभुजा धाम में बजरंगबली के साथ सपरिवार बिराजे प्रभु सीताराम: राधेश्याम का मनमोहक विग्रह स्थापित

अष्टभुजा धाम में विराजे सपरिवार श्री राम हनुमान के संग राधा कृष्ण
क्रास.. स्थापना से पूर्व वैदिक मंत्रोचार के साथ राम दरबार, हनुमान एवं राधा कृष्ण की हुई पूजा आराधना
क्रास.. स्थापना से पूर्व ग्रामसभा
प्रतापगढ़, सदर तहसील के आंवला नगर के नाम से मशहूर ग्राम सभा गोड़े स्थित 12 वीं शताब्दी के ऐतिहासिक अष्टभुजा दुर्गा मंदिर प्रांगण में बृहस्पतिवार को वैदिक विधि विधान से भगवान राम सपरिवार, भक्त हनुमान एवं राधा कृष्ण विराजमान हो गए। विद्वान ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रों के बीच उन्हें मंदिर परिसर में स्थापित कर दिया गया।
बता दें कि यह ऐतिहासिक मंदिर अपनी पौराणिक, आध्यात्मिक एवं दैवीय शक्तियों के लिए प्राचीन काल से जाना जाता रहा है। मंदिर में तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन आज मूर्ति पूजन के साथ विभिन्न देवी-देवताओं की स्थापना हो गई। सर्वप्रथम मुख्य यजमान के रूप में श्रम आयुक्त वाराणसी मधुर सिंह पत्नी के साथ पूजन अर्चन किए। स्थापित की जाने वाली मूर्तियों को साज शृंगार करा कर फूलों से सुसज्जित वाहन पर बैठा कर शोभा यात्रा निकाली गई।सभी मूर्तियों को शोभा यात्रा के रूप में ग्रामसभा के चारों ओर लोगों के दर्शन के लिए घुमाया गया। धार्मिक संगीत की धुन पर ग्रामवासी शोभा यात्रा में झूमते नजर आए। उसके पश्चात शोभा यात्रा लौटकर मंदिर परिसर पहुंची जहां पर राम दरबार, श्री हनुमान जी एवं राधा कृष्ण के लिए बनाए गए तीन मंदिर में उन्हें स्थापित कर दिया गया। इस मंदिर स्थापना के मुख्य पुजारी दिनेश मिश्रा के साथ गांव के लोग साक्षी बने। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद विद्या भान सिंह, अजीत प्रताप सिंह, नीरज कुमार सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, जवाहरलाल सिंह, रमेश प्रताप सिंह, उदय भानु सिंह, उदय प्रताप सिंह, संतोष कुमार सिंह, विनय प्रताप सिंह, बचई सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, श्याम प्रताप सिंह, ज्वाला सिंह, मनोज कुमार सिंह, उज्जवल सिंह, संतोष सिंह, हौसला सिंह सहित सैकड़ों लोग भारी संख्या में मूर्ति स्थापना के ऐतिहासिक पल के भागीदार बने। इस अवसर पर भारी संख्या में पुलिस के जवान भी मुस्तैद रहे। शाम को मंदिर परिसर में वृहद भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की गई जिसमें हजारों लोगों ने मां दुर्गा का प्रसाद ग्रहण किया।