November 26, 2022

अवधभूमि

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चीनी मिलों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर उत्तर प्रदेश में हो रहा अवैध शराब का उत्पादन: अपर आबकारी आयुक्त के पत्र में चीनी महकमा सवालों के घेरे में

लखनऊ। आबकारी चीनी और गन्ना विभाग के प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी और अपर आबकारी आयुक्त सत्यप्रकाश के बीच में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अपर आबकारी आयुक्त ने एक पत्र लिखकर खुलासा किया है कि चीनी मिलों द्वारा दिए जा रहे शीरे में बड़े पैमाने पर मिलावट की जा रही है जिसकी वजह से अशुद्ध शीरा जो गाद के रूप में शराब माफियाओं को मिल रहा है जिससे अवैध शराब का उत्पादन हो रहा है और बड़े पैमाने पर आबकारी विभाग को राजस्व छति हो रही है।

अपर आबकारी आयुक्त का यह खुलासा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि चीनी मिलो का विभाग प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी स्वयं संभालते हैं। सत्यप्रकाश ने अपने पत्र में कहा है कि खीरे की धुलाई करने वाले टैंकरों की पेंदी में गाद यानी अपशिष्ट शीरा होता है और यह अपशिष्ट तभी होता है जब चीनी मिलों में सिरे में किसी तरह की मिलावट की जाती है। सत्य प्रकाश का यह खुलासा गंभीर है कि अवशिष्ट किस्म के शीरे से बड़ी मात्रा में अवैध शराब तैयार हो सकती है। उनका यह कथन आबकारी और गन्ना चीनी मिल विभाग के लिए सवालिया निशान है। अगर ऐसा है तो प्रतिदिन आबकारी महकमे को करोड़ों रुपए के राजस्व क्षति हो रही है।

अपर आबकारी आयुक्त ने माना यूपी में अवैध शराब के उत्पादन का स्रोत चीनी मिलों से मिलने वाला मिलावटी शीरा है।