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July 7, 2022

अवधभूमि

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महाराष्ट्र: तो क्या इस बार भी विफल हो जाएगा ऑपरेशन लोटस! कई विधायकों ने एकनाथ शिंदे पर लगाया बंधक बनाने का आरोप।

मुम्बई। नवंबर 19 में जब अजित पवार ने बगावत करके भाजपा से हाथ मिला लिया था तो उस समय लगा कि एनसीपी का अस्तित्व खतरे में है लेकिन बड़ी चतुराई से शरद पवार ने उस बड़े संकट को न केवल टाल दिया था बल्कि उद्धव को मुख्यमंत्री बना कर भाजपा को चारों खाने चित कर दिया था

एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में इतिहास अपने को दोहरा रहा है और इस बार विलन बनकर उभरे हैं शिवसेना के प्रभावशाली नेता एकनाथ शिंदे। भाजपा ने इस बार एनसीपी और कांग्रेस के बजाय शिवसेना को ऑपरेशन लोटस में फ़सा दिया है। एकनाथ शिंदे शिवसेना के बागी लगभग 35 विधायकों के साथ पहले सूरत में और अब गुवाहाटी में नजर आ रहे हैं उनका दबाव है कि शिवसेना भाजपा के साथ मिलकर सरकार चलाएं लेकिन अभी तक मिले संकेतों के मुताबिक उद्धव ठाकरे झुकने को तैयार नहीं है।

आज देर शाम लौट सकते हैं बागी विधायक

इस बीच खबर मिली है कि एकनाथ शिंदे के साथ गए सभी बागी विधायक आज देर शाम तक मुंबई लौट सकते हैं। सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक कई विधायकों के साथ जोर जबरदस्ती की गई है और एक विधायक का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कहा गया है कि गुजरात पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और जबरन एकनाथ शिंदे के साथ गुवाहाटी भेजा गया।

बदनामी के डर से भाजपा खामोश

इस बीच महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई भाविका फिलहाल खामोश है उसे डर है कि जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी राज्यों के कई विधायक भाजपा की इस इमेज से उससे दूरी बना सकते हैं जिसका खामियाजा द्रौपदी मुरमू को जिन्हें भाजपा ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है भुगतना पड़ सकता है। भाजपा को यह भी डर सता रहा है कि अगले कुछ महीनों में गुजरात और हिमाचल में होने वाले चुनाव में भी पार्टी को लेकर आम जनता में नकारात्मक छवि बन सकती है और यदि ऐसा हुआ तो भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

पार्टी के नेताओं को महाराष्ट्र की सियासी संकट पर खामोश रहने का निर्देश

भारतीय जनता पार्टी नहीं चाहती है कि महाराष्ट्र की सियासी संकट पर उनके प्रवक्ता या नेता कोई जोशीला और गैरजरूरी वक्तव्य जारी करें जिससे विपक्ष उन्हें घेरने का मौका मिल जाए इसीलिए पार्टी हाईकमान ने इस मुद्दे पर पार्टी प्रवक्ताओं और नेताओं को संयम बरतने और अनावश्यक टिप्पणी करने से मना कर दिया है।

भाजपा चाहती है कि फ्लोर पर गिरे उधव सरकार

भाजपा की रणनीति है कि बागी शिवसेना के विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान सरकार गिरा दे तभी भाजपा मुख्य विपक्षी के तौर पर खुलकर सामने आएगी। भाजपा के सामने भी मुश्किलें कम नहीं है एक ओर भाजपा का एक गुट चाहता है कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में फिर से भाजपा सरकार बने जबकि उनका विरोधी गुट इसको लेकर पेश बंदी में जुट गया है।

एकनाथ शिंदे का डर

इधर शिवसेना के बागी नेता और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे को यह डर सता रहा है कि यदि लंबे समय तक इस सियासी उठापटक का परिणाम नहीं निकला तो विधायकों का धैर्य जवाब दे सकता है। इस बीच बागी शिवसैनिक विधायकों के क्षेत्र में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हो रहा है जिससे बागी विधायकों का हौसला पस्त हो रहा है।

भाजपा के जाल में फंसे शिवसेना के बागी विधायक

सूत्रों की बात पर भरोसा करें तो भारतीय जनता पार्टी के बिछाए जाल में शिवसेना के बागी विधायक फंस गए हैं। पहले इन विधायकों की मदद से भाजपा ने राज्यसभा और विधान परिषद की जीत हासिल की और इन्हें बहला-फुसलाकर गर्मजोशी दिखाते हुए सूरत ले गए। लेकिन उसके बाद महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन को लेकर भाजपा हाईकमान का जोश अप्रत्याशित रूप से ठंडा पड़ गया। जब से भाजपा ने महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन को लेकर अपनी चुप्पी साधी है सबसे बागी शिवसैनिक विधायक काफी बेचैन नजर आ रहे हैं।

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