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May 23, 2022

अवधभूमि

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आरबीआई के अनुसार पिछले 5 वर्षों में प्रतिदिन 229 बैंक घोटाले अब तक 5 लाख 35 हजार करोड रुपए का घोटाला: 21 लाख करोड़ रूपए एनपीए।

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक आरटीआई के जवाब में जानकारी दी है कि वर्ष 2016 से प्रतिदिन 229 बैंक फ्रॉड सामने आ रहे हैं और अब तक 5 लाख 35 हजार करोड़ रुपए का बैंक घोटाला हो चुका है जिसमें मात्र 49000 करोड रुपए की रिकवरी हुई है। आरबीआई के अनुसार घोटाला करके 77 लोग देश छोड़कर भाग चुके हैं और मात्र 2 लोग वापस लाए जा सके हैं।

शिकायतों के बाद भी सीबीआई और ईडी ने नहीं की कार्रवाई

मिली जानकारी के मुताबिक बैंकों की ओर से ईडी और सीबीआई में आरोपी घोटाले बाजों के खिलाफ शिकायतें की गई लेकिन उन पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई जिसकी वजह से आरोपी देश छोड़कर भागने में सफल हो गए।

घोटाले की रकम से विदेशों में खरीदी गई प्रॉपर्टी और शेयर

बैंक घोटाले के ज्यादातर आरोपियों ने अपनी कंपनियों की सिस्टर कंपनियां बनाकर उन्हें पैसे ट्रांसफर किए। सिस्टर कंपनियों के अकाउंट अमेरिका इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों में ही खोले गए। घोटाले की रकम का 80% धनराशि इन्हीं कंपनियों में ट्रांसफर किए गए।

उद्योगपतियों के छह लाख करोड़ का लोन बट्टा खाते में डाला गया

आरबीआई से मिली जानकारी के मुताबिक देश के कई बड़े उद्योगपतियों का 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लोन राइट ऑफ किया गया। इस लोन को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमले बोलता रहा है लेकिन सरकार ने उनकी कभी उनकी परवाह नहीं की।

21 लाख करोड़ रुपए का एनपीए

इस समय बैंकों पर 21 लाख करोड़ रुपए का एनपीए है। इस एनपीए में 80 से 90% हिस्सा देश के बड़े उद्योगपतियों का है। जिनसे जानबूझकर वसूली नहीं की जा रही है। जानकारों का मानना है कि यदि एनपीए हुई रकम की वसूली नहीं हुई तो बैंक दिवालिया हो जाएंगे और फिर देश भी दिवालिया होने के कगार पर पहुंच जाएगा।

बैंग घोटालों का क्या पड़ेगा असर

बैंकिंग सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैंकिंग घपले में डूबी रकम की वसूली नहीं हुई तो 80% से ज्यादा बैंक के फंड डिपॉजिट जो कि आम लोगों का पैसा है उसके डूबने का खतरा है। सरल भाषा में कहें तुम बैंकों में आपने जो एफडी जमा की है उसी रकम से कंपनियों को लोन दिया गया है ऐसे में यदि कंपनियां डिफाल्टर हो जाएंगी तो उस रकम की वसूली संभव नहीं होगी जिससे बैंक डिफाल्टर होंगे और आप की जमा पूंजी लौट आने में असमर्थ हो जाएंगे।