October 4, 2022

अवधभूमि

हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार

चुनाव यात्रा: कांग्रेस की वजह से मुश्किल में भाजपा, मुश्लिम, यादव व पटेल से कमेरवादी भी मजबूत

प्रतापगढ़। 248 प्रतापगढ़ में भाजपा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले अनिल राजा ने निर्दलीय नामांकन किया। उन्हें मनाने में संघ और भाजपा के बड़े नेताओं को पसीने छूट गए। अनिल राजा को किसी तरह मना लिए लेकिन उनके समर्थकों को नहीं मना पाए। भाजपा प्रत्याशी को लेकर भाजपा में रूठने और मनाने का दौर जारी है। सदर से भाजपा के जो दूसरे दावेदार थे वह पूरे मन के साथ भाजपा के साथ नहीं दिखाई दे रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी को लेकर किसी प्रकार का जोश नजर नहीं आ रहा। इधर अनुप्रिया पटेल ने अपनी मां के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने की जो बात कही उसकी वजह से इस विधानसभा में पटेल कृष्णा पटेल के पक्ष में लामबंद हो गए जबकि राजकुमार पाल का टिकट काटे जाने के बाद धनगर और पाल बिरादरी में भाजपा को लेकर वह उत्साह और जोश नजर नहीं आ रहा जो पिछले चुनाव में देखने को मिला। अगर शहर में वैश्य मतदाताओं की बात करें तो वह भी भाजपा के चुनाव अभियान में पिछली बार की तरह ज्यादा मुखर नहीं है इस बात की आशंका प्रबल है किस शहर में मतदान प्रतिशत कम हो सकता है। सदर विधानसभा में आज यदि जातिवार रुझानों की बात करें तो ब्राह्मणों का झुकाव स्पष्ट रुप से नीरज तिवारी की ओर है। गोड़े ,नरिया , पूरे केशवदास भगवा मदाफ़ारपुर बासूपुर मंगरौरा आदि गांव में अवध भूमि न्यूज़ के ग्राउंड सर्वे रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ज्यादातर गांव में कांग्रेस के नीरज तिवारी और अपना दल की कृष्णा पटेल के बीच आमने-सामने की टक्कर है। कई गांव में ठाकुरों का रुझान भी इस बार अप्रत्याशित रूप से कांग्रेस की ओर दिखाई दे रहा है। इस वर्ग के कुछ लोगों का कहना था कि इस बार जब भारतीय जनता पार्टी के कोटे में यह सीट थी तो फिर भी बैकवर्ड को क्यों उतारा गया जबकि इसके पूर्व वर्तमान सांसद संगम लाल गुप्ता और राजकुमार पाल को मौका दिया जा चुका था। क्षत्रिय वर्ग के कुछ लोगों ने साफ तौर पर कहा कि अगर इन्हें हराया नहीं जाएगा तो ऐसे ही सामान्य वर्ग की अनदेखी भाजपा करती रहेगी।

शहर में वैश्य वर्ग के मतदाता कमल के फूल के नाम पर वोट देंगे लेकिन वह वोटर तक ही सीमित रहेंगे पहले की तरह पार्टी के लिए चुनाव प्रचार नहीं करने वाले।

पाल और धनगर समाज में राजकुमार पाल का टिकट कटने के बाद नाराजगी कम नहीं हो रही। हालांकि भाजपा की ओर से राजकुमार पाल जो कि वर्तमान में अपना दल एस के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष है उन्हें स्टार प्रचारक के तौर पर भेजने की मांग की जा रही है लेकिन वहां अपनी ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल के खिलाफ कितना प्रभावी प्रचार कर पाएंगे यह तो समय ही बताएगा। जमीनी सच्चाई यह है कि सदर विधानसभा में अपना दल एस के ज्यादातर कार्यकर्ता जो पटेल वर्ग से हैं वह पूरी तरह कृष्णा पटेल के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। राजकुमार पाल के चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाला यह समाज कृष्णा पटेल को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।

नीरज के प्रति सहानुभूति

अधिकांश स्वर्ण मतदाताओं में नीरज के प्रति अच्छी खासी हमदर्दी देखी जा रही है यह चुनाव के दौरान वोटों में तब्दील होगी या नहीं यह तो समय बताएगा लेकिन फिलहाल लगभग सभी गांव में नीरज की उपस्थिति देखी जा रही है।

कृष्णा पटेल को मिलेगा ब्राह्मणों का आशीर्वाद – बृजेश सौरभ

पूर्व विधायक बृजेश सौरभ ने दावा किया है कि सपा गठबंधन की प्रत्याशी कृष्णा पटेल को ब्राह्मणों का भरपूर आशीर्वाद मिलेगा। चौकी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवान परशुराम का आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं जिसका असर जमीन पर नजर आ रहा है और मित्र समाज समाजवादी पार्टी को अपना आशीर्वाद देने का मन बना चुका है 10 मार्च को चुनाव परिणामों में यह स्पष्ट रूप से दिखेगा।

विपक्ष के समीकरण ध्वस्त कर हम चुनाव जीतेंगे – राघवेंद्र शुक्ला

249 प्रतापगढ़ भाजपा प्रत्याशी के मुख्य चुनाव अभिकर्ता राघवेंद्र शुक्ला ने कहा कि विपक्ष के सारे समीकरण धरे रह जाएंगे और हम 10 मार्च को चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे काम पर तथा मोदी जी और योगी जी के चेहरे पर सब जात-पात से ऊपर उठकर वोट देंगे।