October 2, 2022

अवधभूमि

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कमंडल पर भारी पड़ रहा है मंडल: मंडल बनाम कमंडल की लड़ाई में भाजपा की मुश्किलें बढ़ी

लखनऊ। सत्ता के सियासी संग्राम में भाजपा को लोहे के चने चबाने पड़ रहे हैं। धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण कराने के भाजपा के प्रयासों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। फिलहाल उत्तर प्रदेश की लड़ाई आगरा बनाम पिछड़ा हो गई मतलब मंडल बनाम कमंडल की इस लड़ाई में भाजपा को बड़ी मुश्किलों से दो-चार होना पड़ रहा है।

अखिलेश बनाम योगी की लड़ाई: पिछड़ा बनाम सवर्ण पर आई

योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच सीधा मुकाबला होने के बाद अब यह लड़ाई अगड़ा बनाम पिछड़ा हो गई है। जो भारतीय जनता पार्टी के लिए सर दर्द बनता जा रहा है। पिछड़ों में अस्मिता स्वाभिमान और सम्मान की यह लड़ाई इतनी बड़ी हो गई है कि भाजपा को इसकी कोई काट नहीं सूझ रही है। पिछड़ों में जहां अखिलेश यादव जैसा चेहरा है वही योगी आदित्यनाथ का चेहरा पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को आकर्षित नहीं कर पा रहा है जबकि योगी आदित्यनाथ की बगावत के अंदेशा से के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही शाहजहांपुर की रैली में up + योगी उपयोगी का नारा दिया लेकिन भाजपा से पिछड़ों की नाराजगी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

निषादों की नाराजगी कोढ़ में खाज जैसी

इस बीच लखनऊ में हुई निषादों की महारैली में आरक्षण की घोषणा नहीं होने से नाराज निषादों ने भाजपा को वोट नहीं देने की कसम खाई जिसने पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रही भाजपा की मुसीबत में भारी इजाफा कर दिया। निषादों ने रैली में ही जमकर हंगामा किया।

अखिलेश के करीबियों के घर इनकम टैक्स के छापे को संजय निषाद ने गलत बताया

भारतीय जनता पार्टी के कानपुर समय खड़े हो गए जब इनकम टैक्स की अखिलेश के करीबियों के घर छापेमारी पर संजय निषाद की ओर से प्रतिक्रिया आई। अपनी प्रतिक्रिया में संजय निषाद ने इस कार्यवाही को पूरी तरह गलत बताया। अपने ही करीबी सहयोगी दल की ओर से इस प्रकार की प्रतिक्रिया आने के बाद भाजपा मुश्किल में पड़ गई है। संजय निषाद को साधने के लिए भाजपा के कई बड़े नेताओं ने संपर्क किया लेकिन सूत्रों के अनुसार संजय निषाद अभी तक अपने रुख पर कठोर बने हुए हैं।