October 2, 2022

अवधभूमि

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स्वच्छ गंगा मिशन प्रमुख ने कहा: कोरोना काल में कन्नौज से गाजीपुर तक गंगाजी लाशों से पट गई थी

नई दिल्ली। नमामि गंगे परियोजना के सीईओ ने स्वीकार किया है कि कोरोना का में हजारों की संख्या में लाशें गंगा में प्रवाहित की गई।
मिशन प्रमुख राजीव मिश्रा ने अपनी एक किताब में कोरोना काल की भयावहता का विवरण दिया है।
इस हिस्से में मिश्रा ने लिखा है, “जैसे जैसे कोविड-19 महामारी की वजह से लाशों की संख्या बढ़ने लगी, जिला प्रशासन विह्वल हो गए, उत्तर प्रदेश और बिहार के शवदाहगृहों और श्मशान घाटों की क्षमता से ज्यादा लाशें आने लगी, ऐसे में गंगा में लाशों को डालना आसान हो गया.”

मिश्रा ने यह भी बताया है कि सभी मामले उत्तर प्रदेश के ही थे और नदी के बिहार वाले हिस्सों में जो लाशें मिली थीं वो उत्तर प्रदेश से ही बहकर वहां पहुंची थीं. सभी लाशें उत्तर प्रदेश के ही कन्नौज और बलिया के बीच गंगा में डाली गई थीं.

गंगा में लाशें डाले जाने की बात मिश्रा ने अपनी नई किताब “गंगा: रीइमैजिनिंग, रीजूवनेटिंग, रीकनेक्टिंग” में मानी है. इंडियन एक्सप्रेस अखबार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक किताब का एक पूरा हिस्सा इसी घटना पर केंद्रित है.