October 3, 2022

अवधभूमि

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आबकारी महकमे में बड़े घोटाले की साजिश: खुले बाजार में ₹1400 कुंतल बिकने वाला शीरा शराब माफियाओं को मात्र ₹150 में देने की तैयारी: इस साजिश में मुख्य शीरा नियंत्रक सेंथिल पांडियन सी और प्रमुख सचिव आबकारी एवं गन्ना विकास की भूमिका संदिग्ध

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आबकारी महकमे में एक बड़े घोटाले से साजिश का पता चला है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक देसी मदिरा के नाम पर शराब कारखानों का आवंटन बढ़ाकर 20% कर दिया गया तथा चीनी कंपनियों द्वारा खुले बाजार में शेरा के बिक्री पर रोक लगा दी। खुले बाजार में इस समय शीरा लगभग ₹1400 प्रति क्विंटल बिक रहा है। चीनी मिलों को उम्मीद थी कि खुले बाजार में शीरा बेचकर वह अपने घाटे की भरपाई कर लेंगे और गन्ना किसानों का भुगतान भी समय से कर पाएंगे लेकिन चीनी मिलों की इस उम्मीद पर खुद गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी और मुख्य शीरा नियंत्रक सेंथिल पांडियन सी ने पानी फेर दिया। एक राय होकर इन दोनों अधिकारियों ने चीनी मिलों पर खुले बाजार में शराब बिक्री पर अगले 2 महीनों तक पूरी तरह रोक लगा दी है। माना जा रहा है कि प्रतिमाह 12 लाख कुंटल शीरा चीनी मिलें खुले बाजार में बेचती तो एथेनॉल शराब और पशु आहार बनाने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां जो लगभग ₹1400 प्रति क्विंटल की दर से शीरा खरीदती हैं तुलसी चीनी मिलों को मोटा मुनाफा हो सकता था जिससे वह गन्ना किसानों का पूरा बकाया चुका सकती थी और इसका फायदा सरकार को हो सकता था लेकिन ऐसा करने में उक्त दोनों अधिकारियों को कोई फायदा नजर नहीं आ रहा था इसके विपरीत चर्चा के मुताबिक शराब कंपनियों ने उनका आवंटन बढ़ाने के लिए प्रति क्विंटल शीरा ₹150 की दर से आवंटित करने पर ₹150 प्रति क्विंटल चढ़ावा देने की भी पेशकश की है और ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शराब कंपनियों के इस पेशकश पर दोनों अधिकारी फिदा है। अगले 3 महीने तक खुले बाजार में शीरा बिक्री पर रोक से जहां चीनी मिलो को कई हजार करोड़ रूपया का नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई है वही प्रति कुंटल ₹150 कमीशन लेने की चर्चा है अगर यह सही है तो 2 महीने में लगभग 600 करोड रुपए विभाग के आला अधिकारियों तक पहुंचने की संभावना है।

फिलहाल मुख्य शिरा नियंत्रक और आबकारी एवं चीनी मिल महकमे के प्रमुख सचिव को इस बात का स्पष्टीकरण देना चाहिए कि चीनी मिलों को खुले बाजार में सत प्रतिशत हीरा बिक्री पर रोक क्यों लगाई गई है।