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शिक्षा नीति 2020 : तो क्या शिक्षामित्र और अनुदेशकों की नौकरी का यह आखिरी साल है!

लखनऊ। नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सभी प्रकार के संविदा पदों को समाप्त करने की संस्तुति कर दी गई है जिसे केंद्र की कैबिनेट में भी मंजूर कर लिया है। ऐसे में यदि 2020 की शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू किया गया तो अनुदेशकों और शिक्षामित्रों का यह आखरी साल होगा।

मोदी सरकार (Modi Government) ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी लाने के लिए पिछले 34 साल से चली आ रही शिक्षा नीति ( Education Policy (EP 1986) को समाप्त करके अब नई शिक्षा नीति (New Education Policy (NEP 2020) बनाई गई है। सरकार की तरफ से बनाई गई नई शिक्षा नीति (New Education Policy (NEP 2020) में कई सरकारे अहम बदलाव किए गए हैं। कस्तूरीनंदन के नेतृत्व में बनाई गई नई शिक्षा नीति (New Education Policy (NEP 2020) में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं।

मोदी सरकार (Modi Government) ने इससे कैबिनेट में पास करके पूरे देश में लागू करने की अनुमति दे दी गई है। बता दें, नई शिक्षा नीति (New Education Policy (NEP 2020) में कमेटी ने पैरा शिक्षकों को लेकर बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब 2022 तक पूरे देश में (शिक्षामित्रों और शिक्षा से जुड़े हुए लोगों को बाहर) पैरा शिक्षकों को बाहर करने का फैसला लिया गया है। कमेटी के इस निर्णय से उत्तर प्रदेश के हजारों शिक्षामित्र (Shiksha Mitras) अब नौकरी से बाहर हो जाएंगे और इस तरह से शिक्षामित्रों (Shiksha Mitras) के नाम अस्तित्व पूरे देश से ही मिट जाएगा। बता दें, पूरे देश में शिक्षामित्रों (Shiksha Mitras) को सरकारों ने नौकरी में वेटेज देते हुए अधिकतर शिक्षामित्रों (Shiksha Mitras) को बीटीसी की ट्रेनिंग दिलाई गई और उन्हें सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति भी मिली थी लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उन्हें सहायक अध्यापक से हटाकर पूरा शिक्षामित्र बना दिया गया।