September 30, 2022

अवधभूमि

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कश्मीर फाइल्स: अटल आडवाणी और वीपी सिंह को कटघरे में खड़ी कर रही है फिल्म:

समय रहते कश्मीर घाटी को सेना के हवाले क्यों नहीं किया गया

नई दिल्ली। कश्मीर फाइल नाम की फिल्म इस समय लोगों की जुबान पर है। इस फिल्म में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को जीवंत किया गया है। किन हालात में कश्मीरी पंडितों ने घाटी छोड़ी इसे बखूबी फिल्माया गया है। फिल्म देखते हुए ज्यादातर लोग रोते रहते हैं। लेकिन इस फिल्म ने उस समय की केंद्र सरकार जो जनता दल और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन के रूप में चल रही थी उसकी भूमिका को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर रही है। जम्मू कश्मीर में 1990 में वहां की सरकार बर्खास्त हो गई थी और राष्ट्रपति शासन लागू था ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा सैन्य हस्तक्षेप नहीं करने के कारण कश्मीरी पंडितों के साथ भयानक अत्याचार हुआ बहुत बेटियों की इज्जत लूटी गई यहां तक कि 19 जनवरी 1990 को कश्मीरी पंडित घाटी छोड़कर चले गए लेकिन तब भी केंद्र सरकार ने घाटी में सैन्य हस्तक्षेप नहीं किया। फिल्म देखने वाले ज्यादातर लोग यह कह रहे हैं कि अगर समय कश्मीर को सेना के हवाले कर दिया गया होता तो शायद यह अत्याचार नहीं हो पाता। फिल्म वास्तव में उस समय की सरकारों को ही कठघरे में खड़ी कर रही है। हालांकि इस फिल्म को प्रधानमंत्री गृह मंत्री और राष्ट्रपति ने भी सराहा है लेकिन सवाल यही उठ रहा है कि क्या इस फिल्म के जरिए तत्कालीन भाजपा और उसके बड़े नेताओं को नकारा और निकम्मा साबित करने की कोशिश की जा रही है।

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