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July 7, 2022

अवधभूमि

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गलत आबकारी नीति से प्रतिदिन हो रहा है करोड़ों रुपए का नुकसान: ढाई सौ से अधिक दुकाने बंद हुई कई दुकानों की नहीं जमा हो पाई लाइसेंस फीस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा आबकारी महकमे से आता है लेकिन आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी कि गलत आबकारी नीति के चलते इस बार राजस्व लक्ष्य प्राप्त करना असंभव है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि 250 से अधिक दुकानों का रिन्यूअल नहीं हुआ और ना ही लाइसेंस फीस जमा हुई। इसकी वजह से प्रतिदिन करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। अप्रैल महीने में ही लगभग ₹98 करोड़ रुपए की राजस्व क्षति हो चुकी है।

लाइसेंस फीस से 30% कम पर भी नहीं उठ रही दुकाने

चालू वित्त वर्ष में 400 से अधिक दुकानों का लाइसेंस रिनुअल नहीं हुआ। जिसके बाद अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी के नेतृत्व में तैयार नीति के तहत इन दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई जिसमें निर्धारित लाइसेंस फीस से 10% कम पर बोली दाताओं को मौका दिया गया फिर भी ज्यादा दुकानों का लाइसेंस रिनुअल नहीं हुआ। इसी तरह निर्धारित लाइसेंस फीस से 20% कम पर टेंडर जारी किया गया फिर भी 250 से अधिक दुकानों का लाइसेंस लेने कोई नहीं आया।

शासन की इस नीति से जहां चालू वित्त वर्ष में लगभग 56 दिन दुकानें बंद रहने से करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया वही लाइसेंस फीस न जमा होने से सरकार के राजस्व में कमी आना तय है।

प्रीमियम शॉप घाटे में फिर भी क्यों हो रहा है रिन्यूअल

सरकार के राजस्व में कमी का एक कारण प्रीमियम शॉप भी है। प्रीमियम शॉप पर विदेशी ब्रांड की मदिरा बेची जाती है। वैसे तो यूपी के सभी प्रीमियम शॉप घाटे में चल रहे हैं फिर भी ऊंची लाइसेंस फीस पर लाइसेंसी इसका रिनुअल करा रहे हैं आखिर इसके पीछे क्या उद्देश्य छिपा है इसका खुलासा होना बेहद जरूरी है। प्रीमियम शॉप में शासन के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए जानी वाकर जैसी मशहूर ब्रांड के रेड लेबल और ब्लैक लेबल के नाम से आने वाली मदिरा के दाम में कमी करके बेचने की छूट किसने दी और क्या इस छूट के बदले अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी और जॉनी वाकर के मालिक आन के बीच कोई डील हुई है इसका भी खुलासा होना चाहिए। सुनने में आया है कि इस छूट के बदले करोड़ों रुपए की डील हुई है।

प्रीमियम शॉप से हो रही होम डिलीवरी

विदेशी ब्रांड की मदिरा प्रीमियम शॉप से होम डिलीवरी होने लगी है जिससे एक और जहां राजस्व की क्षति हो रही है वही प्रीमियम शॉप नियम और शर्तों का धड़ल्ले से उल्लंघन कर रहे हैं।

यूपी में शराब की स्मगलिंग और मिलावट की शराब बिकने से सरकार को लग रहा है रोज करोड़ों रुपए का चूना

उत्तर प्रदेश में हरियाणा मध्य प्रदेश राजस्थान छत्तीसगढ़ की शराब अवैध रूप से बेची जा रही है इसके अलावा मिलावट की शराब की बिक्री के चलते प्रतिदिन लगभग 100 करोड रुपए का नुकसान हो रहा है। एक और जहां लाइसेंसी दुकानों से बिक्री में कमी आ रही है वहीं दूसरी ओर अवैध रूप से शराब की बिक्री बढ़ती जा रही है इस साल के लिए शासन की नीतियां ही जिम्मेदार है और इन नीतियों को बनाने वाले संजय भूसरेड्डी को इसकी परवाह नहीं है।

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