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January 21, 2022

अवधभूमि

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जीएसटी वसूली के मामले में सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। नए साल पर प्रधानमंत्री कार्यालय के ट्वीट में बताया गया है कि जीएसटी कलेक्शन के मामले में सरकार ने अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी ट्वीट में बंपर विदेशी मुद्रा भंडार और निवेश को लेकर वाहवाही लूटी गई है।

लेकिन हमेशा की तरह प्रधानमंत्री कार्यालय नौकरी का आंकड़ा बताने में विफल रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह नहीं बताया कि रिकॉर्ड तोड़ जीएसटी वसूली के बावजूद देश में गरीबी और बेरोजगारी उच्चतम स्तर पर क्यों पहुंच गई। किसानों की आमदनी दोगुना क्यों नहीं हुई। सरकार की जीएसटी 8 गुना बढ़ गई तो किसानों की आमदनी क्यों नहीं बढ़ पाई। नौकरियों में 2 गुना का इजाफा क्यों नहीं हुआ। क्या यह आंकड़े विश्वसनीय है इसको लेकर भी कई तरह के सवाल है।

जीएसटी की वजह से व्यापारियों की आमदनी जितना घटी है उतना ही सरकार का राजस्व बढा है

अगर सरकार के दावे की पड़ताल करें तो ऐसा प्रतीत होता है कि जिस तरह से व्यापारियों की आमदनी घटी है उसी प्रकार से सरकार को मुनाफा हुआ है।

60% तक केसीसी लोन एनपीए हुए

किसानों की आमदनी बढ़ी या घटी। इसका एक आंकड़ा बैंकों से मिलता है। बैंकों के आंकड़े पर अगर गौर करें तो 60% केसीसी लोन एनडीए की श्रेणी में आ गए हैं इससे साफ जाहिर होता है कि किसानों की आय में भारी कमी आई है।

व्यावसायिक लोन क्यों हो गए एनपीए

केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था के मामले में भले ही गुलाबी तस्वीर पेश करने की कोशिश की हो लेकिन अगर बैंकों की स्थिति पर गौर करें तो कहानी कुछ और ही नजर आती है। बैंकों की हालत पतली है ज्यादातर व्यावसायिक लोन एनपीए की श्रेणी में आए हुए हैं। इससे यह पता चलता है कि व्यापारियों की हालत भी पतली है।

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