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May 22, 2022

अवधभूमि

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राजा भैया ने कुछ ऐसा कहा कि सत्तापक्ष व विपक्ष ने मेज थपथपा कर स्वागत किया:

लखनऊ। विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद पहली बैठक में जिन लोगों का संबोधन चर्चा में है उनमें जनसत्ता दल सुप्रीमो राजा भैया का नाम सुर्खियों में है।

जब सदन में उनकी बारी आई तो उन्होंने अपनी बात रखने के लिए कबीर दास जी के 1 दोहे का सहारा लिया

चलती चक्की देखकर दिया कबीरा रोए।

दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोए।

इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ ठहाके गूंजने लगे

राजा भैया ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की जहां जमकर तारीफ की वही नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव को भी पहली बार यह जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। अखिलेश यादव ने भी मेज थपथपा कर राजा भैया के उद्बोधन का स्वागत किया।

राजा भैया के संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की झलक नजर आई

आज विधानसभा में राजा भैया के संबोधन की सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों ओर से तारीफ हुई। उन्हें बोलते हुए सुनकर लोगों को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की याद आ गई। चंद्रशेखर जी जब लोकसभा में बोलते थे कांग्रेस और भाजपा दोनों तरफ से उनका स्वागत होता था। अखिलेश ने राजा भैया के लिए जितने कड़वे शब्दों का इस्तेमाल किया था उसे देखते हुए ऐसा लग रहा था कि लंबे समय तक दोनों के संबंध खराब रहने वाले हैं लेकिन राजा भैया ने जिस परिपक्वता और चतुराई से विधानसभा अध्यक्ष के स्वागत में अपने उद्बोधन का इस्तेमाल संबंधों को सुधारने के लिए किया वह काबिले तारीफ है। उनकी बातों का असर न केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष में भी देखा गया। राजा भैया ने नेता प्रतिपक्ष के नाते अखिलेश यादव का अभिवादन किया तो उन्होंने भी पूरी आत्मीयता से अभिवादन स्वीकार किया और राजा भैया को प्रणाम किया। कुछ भी हो इस बार सदन में संसदीय गरिमा का पालन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों द्वारा किया गया इस बात के लिए तारीख की जा सकती है।

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