October 4, 2022

अवधभूमि

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संजय भूसरेड्डी गैंग का लिपिक बना अरबों के साम्राज्य का मालिक: 20 वर्षों से भ्रष्ट लिपिक का पटल बदलने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके आबकारी अधिकारी:

लखनऊ। आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी का कृपा प्राप्त तथा प्रयागराज आबकारी विभाग में लिपिक पद पर तैनात अमित अग्रवाल अरबों रुपए के साम्राज्य का स्वामी बन गया है।

प्रयागराज और आसपास के क्षेत्र में शराब के अवैध कारोबारी इसके संपर्क में हैं। अगर सरल भाषा में कहें तो यह आबकारी विभाग में शराब माफियाओं का एजेंट है। करोड़ों रुपए कमाता है और अपने आका को भी खुश रखता है।

कोई भी आबकारी अधिकारी अमित अग्रवाल का पटल बदलने की हिम्मत नहीं जुटा सका

आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी का कृपा पात्र होने के चलते किसी भी आबकारी अधिकारी की अमित अग्रवाल का पटल बदलने की हिम्मत नहीं हुई। आबकारी मुख्यालय प्रयागराज में कम्प्यूटर लिपिक अमित अग्रवाल विगत 20वर्षों से लगातार शीरे के आवंटन का कार्य कर रहा है बीच बीच में इसका पटल दिखवटी तौर पर बदल दिया जाता है परंतु काम यह शीरे के आवंटन का ही करता है, बाकी अफसर बदलते रहते हैं यह भ्रष्टाचार का पर्यावाची वहीं जमा हुआ है,

शीरा आवंटन का पटल बदला तो संजय भूसरेड्डी की कृपा से दोबारा हाशिल किया

ईमानदार आबकारी आयुक्त धीरज साहू ने इसका स्थानांतरण झांसी कर दिया था और इसके पर्याग् राज मुख्यालय में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन भ्रष्ट अमित अग्रवाल अपने आबकारी आयुक्त पर भारी पड़ा और अपर मुख्य अधिकारी आबकारी आयुक्त संजय भूसरेड्डी की बदौलत दोबारा मनचाही पोस्टिंग पाने में सफल हो गया। अर्थात एक बार फिर शीरा आवंटन का पतन अमित अग्रवाल को मिल गया।

अरबों की जमीन मकान और दुकान का मालिक

लोगों का कहना है कि इसके पास आय से कई गुना अधिक संपत्ति है। आरोप तो यहां तक है कि अमित अग्रवाल हीरे जवाहरात की अनाधिकृत खरीद बिक्री में अपनी काली कमाई को निवेश करता है।
प्रयागराज में इसके पास कई भूखंड, फ्लैट व प्लाट आदि हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों का संरक्षण क्यों और किसके इशारे पर लिया जा रहा है । आज तक ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।