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December 2, 2021

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी और जिन्ना जिगरी दोस्त: हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग ने गठबंधन कर सिंध से लेकर बंगाल तक कई राज्यों में बनाई सरकार

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के चुनाव में भले ही इस समय जिन्ना छाए हुए हैं लेकिन जिन्ना को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और पूर्व में हिंदू महासभा का रवैया बड़ा दोस्ताना रहा है।

हिंदू महासभा के नेताओं को मुस्लिम लीग का साथ देने के लिए सावरकर ने ही प्रेरित किया था

दरअसल, इससे पहले भी कुछ वर्षों से दोनों मिलकर काम कर रहे थे। हिंदू महासभा के मदुरई सम्मेलन (1940) को संबोधित करते हुए, सावरकर ने क़ुबूल किया था कि उनकी पार्टी कांग्रेस के विरोध में विभिन्न प्रांतों में मुस्लिम संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है। सावरकर का निम्नलिखित कथन इस तथ्य को पुष्ट करता है कि कांग्रेस के खिलाफ हिंदू-मुस्लिम फिरकापरस्त एकजुट थेः

इसका ब्यौरा वीडी सावरकर, समग्र सावरकर वांग्मयः हिंदू राष्ट्र दर्शन, अंक-6, महाराष्ट्र प्रांतिकहिंदूसभा, पूना, 1963, पेजः 399) उपलब्ध है।

गौरतलब है कि, सावरकर ने लीग के साथ उस वक्त हाथ मिलाया था, जब कांग्रेस इस बात के खिलाफ थी कि मुस्लिम लीग के साथ किसी भी तरह का संबंध रखा जाए। धनंजय कीर द्वारा लिखित सावरकर की जीवनी सावरकर के प्रशंसकों के द्वारा सबसे प्रामाणिक मानी जाती है। इसमें स्वीकार किया गया है कि सावरकर ने मुस्लिम बहुसंख्यक प्रांतों में हिंदू नेताओं को मशविरा दिया था कि वे मुस्लिम लीग द्वारा गठित मंत्रीमंडलों में शामिल हों।

मुस्लिम लीग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदू महासभा थे ब्रिटिश सरकार ने सभी प्रतिबंधों से मुक्त रखा था

विनायक दामोदर सावरकर की अध्यक्षता में हिंदू महासभा ने 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन का दमन करने के लिए निर्लज्जता पूर्वक अपने अंग्रेज आकाओं का साथ दिया था। बरतानिया साम्राज्य के साथ उनका यह ‘उत्तरदायी सहयोग’ महज सैद्धांतिक कौल तक ही सीमित नहीं था। हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग गठबंधन के रूप में भी यह सामने आया था। यह वह वक्त था जब कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक संगठनों पर प्रतिबंध थे, केवल हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग पर कोई प्रतिबंध नहीं था। यही समय था जब हिंदुत्व टोली के “वीर” सावरकर के नेतृत्व में हिंदू महासभा ने मुस्लिम लीग के साथ मिलकर गठबंधन सरकारें चलाईं। हिंदू महासभा के कानपुर अधिवेशन में सावरकर ने अध्यक्षीय भाषण में इस सांठगांठ की पैरवी इन लफ्जों में की थीः