September 30, 2022

अवधभूमि

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तो क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष से हाथ मिला बैठे थे संजय भूसरेड्डी!

लखनऊ। जिन दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा जूझ रही थी उसी समय योगी सरकार के महत्वपूर्ण अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी पर विपक्ष खासतौर पर सपा के संपर्क में होने का आरोप लग रहा है। कहा जा रहा है कि सरकार के तमाम कोशिशों के बावजूद गन्ना किसानों के भुगतान के लिए संजय भूसरेड्डी ने चीनी मिलों का कोई दबाव नहीं बनाया और ना ही भुगतान किया। लगभग 14000 करोड रुपए गन्ना किसानों का बकाया था जिसकी वजह से योगी सरकार बैकफुट पर थी।

अब जबकि चुनाव हो चुके हैं संजय भूसरेड्डी गन्ना किसानों का भुगतान करवा रहे हैं। माना जा रहा है कि संजय भूसरेड्डी की वजह से ही संगीत सोम और सुरेश राणा को हार का सामना करना पड़ा।

शराब माफियाओं का खास गुर्गा अमित अग्रवाल चला रहा है संजय भूसरेड्डी का कैंप कार्यालय

शराब माफियाओं का लाडला अमित अग्रवाल गन्ना एवं आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजीव भूसरेड्डी का कैंप कार्यालय चला रहा है। बिना उसकी मर्जी आबकारी विभाग में एक पत्ता भी नहीं खड़कता है।

एक ओर जहां भाजपा सरकार ease of doing business का नारा देकर सभी सरकारी विभागों में व्यवसाई को सुविधा देने की नीति पर कार्य कर रही है जिससे प्रदेश में बेरोजगारी को दूर कर व्यवसाय को आसान बनाया जा सके वहीं दूसरी तरफ अमित अग्रवाल जैसे लोग शीरा आवंटन जैसे कार्य में आपत्ति लगाने के विशेषज्ञ माने जाते हैं यह किसी कार्य को बार बार आपत्ति लगाकर लंबे समय तक लंबित रखते हैं फिर जब व्यक्ति थक हार कर आत्म समर्पण कर देता है तब उसका यह विधिवत दोहन करते हैं और इसीलिए यह बसपा सरकार में नेतराम और सपा सरकार में शंभू यादव के नजदीकी थे, बसपा सरकार में जब शीरे के आवंटन पर रुपए 100प्रति क्विंटल अग्रिम नकद राशि जमा करने के बाद ही आवंटन होता था उस समय यह सुधीर बोबड़े व शमीम अहमद जैसे भ्रष्ट अफसरों का आंख कान था, भाजपा सरकार आते ही धीरज साहू जी ने इसको इसके किए का दंड दिया परंतु फिर यह संजय भूसरेद्दी से किसी तरह सेट होकर पुनः मुख्य धारा में वापिस लौट आया।

योगी नाराज गिर सकती है गाज

बताया जा रहा है कि संजय भूसरेड्डी के कारनामे की भनक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लग चुकी है और जल्द ही इन पर गाज गिर सकती है।

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