October 5, 2022

अवधभूमि

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तो क्या योगी आदित्यनाथ से छीन लिया जाएगा बुलडोजर: चुनाव हारने वाले केशव को डिप्टी सीएम के साथ-साथ गृह मंत्रालय देने की तैयारी

लखनऊ। प्रचंड जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी का सर दर्द बढ़ गया है। केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्र में मंत्री बनने या संगठन की राजनीति करने से साफ इनकार कर दिया है। केशव प्रसाद मौर्य की मनसा को देखते हुए पार्टी आलाकमान ने उन्हें फिर से उपमुख्यमंत्री बनाने और गृह मंत्रालय जैसा विभाग देने की बात कही है सूत्रों के अनुसार आलाकमान के इस सुझाव या सलाह को योगी ने मानने से साफ इंकार कर दिया है। कल प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद योगी आदित्यनाथ जेपी नड्डा से मिले। कहां जा रहा है कि पार्टी आलाकमान इस बार अरविंद शर्मा केशव मौर्य और स्वतंत्र देव सिंह को डिप्टी सीएम बनाना चाहता है साथ ही साथ बड़े विभागों का भी इनके बीच बंटवारा करना चाहता है। इधर सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी कीमत पर हारे हुए केशव मौर्य को अपनी कैबिनेट में कोई जगह नहीं देना चाहते। इतना ही नहीं उन्होंने अरविंद कुमार शर्मा के लिए भी अभी तक सहमति नहीं जताई है।

उलझ गया है मंत्रिमंडल का मामला

सूत्रों का कहना है कि योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट को लेकर अपनी स्वायत्तता की मांग की है। उन्होंने संकेत दिया है कि वह खुद तय करेंगे कि उनकी कैबिनेट में कौन होगा और कौन नहीं होगा दिल्ली केवल सुझाव दे सकता है लेकिन अंतिम फैसला योगी आदित्यनाथ से हम करना चाहते हैं। इस बार आलाकमान योगी आदित्यनाथ को मनमानी छूट देने के पक्ष में नहीं है।

टल गई शपथ ग्रहण समारोह की तिथियां

कहा तो यहां तक जा रहा है कि 16 तारीख को योगी आदित्यनाथ को शपथ लेना था लेकिन डिप्टी सीएम और मंत्रिमंडल में फंसे पेच की वजह से अब यह तारीख 1 हफ्ते तक लेट की गई है।