October 4, 2022

अवधभूमि

हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार

बूथ कैपचरिंग में रोड़ा बने ग्राम विकास अधिकारी पर अपर मुख्य सचिव ने गिराई गाज: आचार संहिता प्रभावी होने के बावजूद प्रतापगढ़ से बलिया किया संबद्ध: मंत्री मोती सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में पीठासीन अधिकारी के रूप में था तैनात

लखनऊ। पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह के निर्देश पर संयुक्त ग्रामीण विकास आयुक्त प्रशासन ने प्रतापगढ़ जनपद में तैनात ग्राम विकास अधिकारी कृष्ण मुरारी जयसवाल को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद बलिया जनपद से संबद्ध कर दिया और दंड स्वरूप यह प्रावधान किया कि बलिया से पे रोल जारी किया जाएगा और वेतन प्रतापगढ़ से मिलेगा। मतलब यह हुआ कि सितंबर 2022 तक कृष्ण मुरारी जयसवाल को प्रतिदिन बलिया जिले में हाजिरी देनी होगी और वेतन के लिए प्रतापगढ़ आना होगा।

क्या है मामला

बताया जा रहा है कि ग्राम विकास अधिकारी कृष्ण मुरारी जयसवाल अपनी नियुक्ति के बाद पहली बार चुनाव ड्यूटी में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोती सिंह जो कि अब चुनाव हार चुके हैं उनके निर्वाचन क्षेत्र के उपाध्याय पुर मतदान केंद्र में बतौर मतदान अधिकारी प्रथम तैनात थे । यहां बूथ कैपचरिंग की कोशिश की गई जिसको मतदान अधिकारी प्रथम के रूप में कृष्ण मुरारी जायसवाल ने विफल कर दिया। इसी बात से खुन्नस खाए सत्ता पक्ष के लोगों ने अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज सिंह से शिकायत की जिस पर मनोज सिंह ने बिना स्पष्टीकरण मांगे एकतरफा ढंग से ग्राम विकास अधिकारी कृष्ण मुरारी जयसवाल को जनपद प्रतापगढ़ से लगभग 400 किलोमीटर दूर बिहार बॉर्डर पर बलिया जिले से संबंध कर दिया।

डीडी को चार्ज देकर छुट्टी पर चली गई सीडीओ

ग्राम विकास अधिकारी पर एकतरफा कार्रवाई के दबाव को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया छुट्टी लेकर चली गई और अपना चार्ज परियोजना निदेशक ग्रामीण विकास अभिकरण आरसी शर्मा को दे दिया जो कि नियमानुसार नहीं दिया जा सकता। क्योंकि ग्राम विकास अधिकरण एक एनजीओ है और उसके किसी अधिकारी को मुख्य विकास अधिकारी अपना चार्ज नहीं दे सकती।

डीडीओ ने की एकतरफा कार्रवाई

कैबिनेट मंत्री के नजदीकी और प्रधानमंत्री आवास तथा नरेगा के कई घोटालों के मुख्य आरोपी ओपी मिश्रा ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी को तुरंत रिलीव कर दिया।

प्रभावी है चुनाव आचार संहिता

एमएलसी चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावी होने के बावजूद ग्राम विकास अधिकारी को प्रतापगढ़ जनपद से बाहर संबद्ध कर दिया गया जो कि नियमानुसार गलत है। इस संबंध में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है।