September 30, 2022

अवधभूमि

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प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री आवास और नरेगा में हो रही वसूली को लेकर अपर मुख्य सचिव नाराज: जल्द गिर सकती है जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज

प्रतापगढ़। प्रधानमंत्री आवास में घोटाले को लेकर जनपद हमेशा सुर्खियों में रहा है। स्थानीय सांसद ने यह मामला लोकसभा में भी उठाया था। एक जांच टीम आई थी लेकिन करिश्माई ढंग से इस घोटाले के लिए जिम्मेदार परियोजना निदेशक आरसी शर्मा को क्लीनचिट देकर चली गई। क्लीन चिट मिलने के बाद परियोजना निदेशक के हौसले बुलंद हो गए। चर्चा है कि उन्होंने जांच टीम को प्रभावित करने के लिए अच्छा खासा खर्च किया था और इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों से वसूली की थी। कहा जा रहा है कि तकदीर ग्राम पंचायतों से ₹5000 की वसूली हुई थी लेकिन उसका थोड़ा हिस्सा ही जांच टीम को मैनेज करने पर खर्च हुआ जबकि इससे पीडी आरसी शर्मा लाभान्वित हुए।

कैबिनेट मंत्री रहे मोती सिंह की विधानसभा क्षेत्र में सभी ब्लॉक के गोपियों से प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा के कामों के मद में जारी बजट में जमकर बंदरबांट हुई। इसको लेकर चुनाव से पूर्व प्रधानों ने धरना प्रदर्शन तक किया।

भ्रष्टाचार में अधिकारियों के संरक्षण के लिए होती है वसूली

इस बात की जोरदार चर्चा है कि नरेगा और प्रधानमंत्री आवास में हुए घोटाले की जांच दबाने के लिए प्रत्येक महीने सभी ग्राम पंचायतों से वसूली की जाती रही। यह वसूली ब्लॉक में तैनात सहायक कार्यक्रम अधिकारियों के माध्यम से होती थी। वसूली गई रकम परियोजना निदेशक आरसी शर्मा के पास जमा होती थी जिसे वह मैनेजमेंट खर्च बताया करते थे।

इस वसूली के अलावा सभी ब्लाकों से मुख्य विकास अधिकारी के लिए अलग से वसूली का प्रावधान रहा। यह वसूली भी परियोजना निदेशक आरसी शर्मा के माध्यम से होती रही है। कहां जा रहा है कि यह वसूली गई रकम कथित रूप से मुख्य विकास अधिकारी के पास भेजी जाती है जिससे खंड विकास अधिकारियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है।

जिम्मेदार लोग बख्शे नहीं जाएंगे

इस संबंध में अवध भूमि न्यूज़ से बात करते हुए अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास और नरेगा के कामों में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी की गई है तो जिम्मेदार अधिकारी किसी सूरत में बच नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक जांच टीम इस मामले में प्रतापगढ़ भेजी जाएगी

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