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August 9, 2022

अवधभूमि

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एसबीआई की लीलापुर ब्रांच के क्लोन चेक से 12 लाख 56 हजार रुपये निकलने का मामला: पीड़ित पर ही साजिश करने का शक

प्रतापगढ़। स्टेट बैंक की लीलापुर शाखा के क्लोन चेक से 12 लाख 56 हजार रुपए निकालने के मामले में शक की सुई पीड़ित की तरफ मुड़ गई है। कहा जा रहा है कि पीड़ित रिटायर्ड रेलकर्मी रामनारायण को जो चेक स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा द्वारा जारी किया गया वह पीड़ित के अलावा उसके परिवार में उसकी भाभी और उसके छोटे बेटे तथा पड़ोस के एक युवक के पास भी रखी गई थी।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीड़ित रामनारायणने चेक बुक पड़ोस के एक युवक सचिन कुमार शुक्ला के हाथ से अपने छोटे बेटे को जो मुंबई में रहता था वहां पहुंचाया बताया जा रहा है कि इसके बाद ही इस चेक के पन्ने का क्लोन बनाकर नालासोपारा की स्टेट बैंक ब्रांच से ₹396000 सतनाम जसवंत सिंह जावड़े ने यस बैंक में ट्रांसफर किया।

इसी तरह अवनीश कुमार द्वारा यूपी के बस्ती स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में ₹38350 ₹184650 तथा ₹45950 ट्रांसफर किया।

पुनः सतनाम सिंह जावड़े ने ₹495600 वाराणसी से गोवा ब्रांच में ट्रांसफर किया और विड्रोल किया।

रामनारायण पर क्यों उठा रही उंगली

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब जब भी पैसा निकाला गया तब तब रामनारायण के उस फोन नंबर जोकि बैंक में लिंक किया है उस पर लगातार संदेश भेजे जा रहे थे बावजूद इसके पीड़ित रामनारायण ने कोई जानकारी बैंक से लेने की कोशिश नहीं की और ना ही ट्रांजैक्शन को लेकर कोई आपत्ति की।

विदड्रॉल करने वाले सतनाम जावड़े और अविनाश कुमार तथा गौतम साहू के नाम पीड़ित ने तहरीर क्यो नही दी?

जांच अधिकारी के लिए अभी भी यह पहेली बनी हुई है कि आखिर पीड़ित रामनारायण ने बैंक द्वारा संबंधित अकाउंट स्टेटमेंट देकर क्लोन चेक के जरिए पैसा निकालने वालों की पूरी जानकारी दी बावजूद इसके पीड़ित ने उनके खिलाफ तहरीर क्यों नहीं दी क्या पंडित रामनारायण फ्रॉड करने वालों से मिलीभगत कर रहा है यह सवाल भी जस का तस बना हुआ है।

फ्रॉड का नाला सोपारा कनेक्शन:

फ्रॉड करके रामनारायण के चेक बुक के पन्ने का क्लोन तैयार करके पैसा निकालने वाले सतनाम सिंह जावड़े ने नालासोपारा ब्रांच से विदड्रॉल किया जबकि पीड़ित रामनारायण का एक घर भी नाला सोपारा में है। तो क्या रामनारायण और सतनाम जावड़े में कोई जान पहचान है आखिर सतनाम जावड़े को रामनारायण ने आरोपी क्यो नही बनाया।

सबसे 12 सवाल चेक का पन्ना क्लोन बनाने वाले तक किसने पहुंचाया

यह सबसे बड़ा सवाल है कि चेक बुक का पन्ना लोन बनाने वाले फ्रॉड सतनाम सिंह जावड़े तथा अविनाश कुमार तक किसने पहुंचाया। जाहिर सी बात है कि पीड़ित रामनारायण ने जिसके हाथ से अपने गांव से नालासोपारा स्थित अपने आवास पर चेक बुक पहुंचाया वह संदिग्ध है या फिर उस व्यक्ति से चेक बुक प्राप्त करने वाला व्यक्ति संदिग्ध है निश्चित रूप से इन लोगों का संबंध क्लोन बनाने वालों से है पुलिस अब इसी दिशा में जांच कर रही है।

शाखा प्रबंधक के बजाय प्रबंधक को व्यक्तिगत क्यों बनाया गया पार्टी

तमाम सवालों में एक सवाल यह भी है कि पंडित राम नारायण ने इस फ्रॉड के लिए बैंक को जिम्मेदार बताने के बजाय साधा प्रबंधक को व्यक्तिगत आरोपी क्यों बनाया क्या इसके पीछे कोई साजिश है। कहा जा रहा है कि यह एक साजिश है क्योंकि यदि बैंक को आरोपी बनाया जाता तो इस मामले की गहराई तक जांच की जाती क्योंकि बैंक सभी प्रकार की सुविधाओं से संपन्न है जबकि व्यक्तिगत रूप से इस अपराध की तह में जाना स्थानीय शाखा प्रबंधक के लिए आसान नहीं इसीलिए जानबूझकर शाखा प्रबंधक अमिता यादव और अन्य बैंक कर्मी को आरोपी बनाया गया है।