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सरकार ने भेजे 11 सौ रुपए : अभिभावक परेशान : 2 जोड़ी ड्रेस एक स्वेटर जूते मोजे और बैग की खरीद पर आ रहा है ₹1800 से अधिक का खर्च

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने पौने दो करोड़ उन अभिभावकों के खाते में 11 सौ रुपए की धनराशि भेजी है जिनके बच्चे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं।

साथ ही सरकार ने यह भी शर्त रखी है कि अभिभावकों को 2 जोड़ी ड्रेस वेटर जूता ,2 जोड़ी मोजे और बैग भी इसी बजट में खरीदना है।

अभिभावक क्यों है परेशान:

अभिभावक इसलिए परेशान है क्योंकि सरकारी निर्देशों के अनुरूप 2 जोड़ी ड्रेस एक स्वेटर एक जूता 2 जोड़ी मोजे और बैग की खरीद पर ₹1800 से अधिक का खर्च आ रहा है।

कपड़े की खरीद:

पेंट और शर्ट केक कपड़े पर लगभग ढाई सौ रुपए का खर्च हो रहा है। इस तरह अगर देखा जाए तो लगभग ₹500 कपड़े की खरीद पर ही खर्च हो जाएंगे।

सिलाई:

1 जोड़ी पैंट शर्ट की सिलाई का खर्च ₹300 जबकि 2 जोड़ी पैंट शर्ट की सिलाई ₹600 में संभव नहीं है

जूते का दाम:

अगर बाजार में उपलब्ध जूते के मूल्य की बात करें तो लगभग ₹200 जूते कीमत बैठती है और इसी तरह ₹45 मौजे की कीमत है इस तरह जूते और मोजे पर लगभग ₹280 का खर्च आएगा

स्वेटर:

अच्छी क्वालिटी का स्वेटर बाजार में ₹250 से शुरू होता है ऐसे में अभिभावक के सामने मानक के अनुरूप स्वेटर खरीदने में समस्याएं आ सकती हैं।

स्कूल बैग:

अगर मार्केट में उपलब्ध स्कूल बैग की बात करें तो 220 रुपए से कम मैं कोई भी स्कूल बैग मिलना मुश्किल है।

सरकार ने यह भी कहा है कि स्कूल ड्रेस जूते मोजे और स्वेटर बैग की खरीद में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न किया जाए।

सरकार द्वारा भेजे ये रुपये ऐसे लोगों को मिलेंगे जिनके बच्चे यूपी सरकार के परिषदीय स्कूलों में पढ़ते हैं. बच्चों को दो जोड़ी यूनिफार्म मुहैया कराने के लिए प्रति जोड़ी 300 रुपये की दर से 600 रुपये, एक स्वेटर के लिए 200 रुपये, एक जोड़ी जूता व दो जोड़ी मोजे के लिए 125 रुपये और एक स्कूल बैग के लिए 175 रुपये दिए जाएंगे.

अभी तक बच्चों को प्रत्येक सत्र में यह चीजें विभाग की ओर से मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती थीं. इनके लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जाती थी. इसमें भ्रष्टाचार के अलावा इन सामानों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलती थीं.

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