September 30, 2022

अवधभूमि

हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार

रेल मंत्री ने दिया झांसा: रेल भर्ती परीक्षा मामले की जांच चुनाव तक टाल दी गई: समिति बनाई गई 4 मार्च को रिपोर्ट देगी

नई दिल्ली। रेल मंत्री ने चालाकी दिखाते हुए 2019 में हुई रेल भर्ती परीक्षा में कोई धांधली की जांच को 4 मार्च तक डाल दिया है।

रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों को परिवार का हिस्सा बताते हुए इस मामले में हुई धांधली की जांच के लिए एक कमेटी के गठन का ऐलान किया जो 4 मार्च को अपनी रिपोर्ट देगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

चुनाव तक इस मामले को ठंडा करना चाहती है सरकार

जानकारों का मानना है कि पांच राज्यों में मुश्किल चुनौतियों का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी इस मामले को दरअसल ठंडा करना चाहती है। भाजपा नहीं चाहती है कि रेलवे भर्ती में हुई धांधली पांचों राज्यों में चुनावी मुद्दा बन जाए। इसीलिए फिलहाल भाजपा ने एक कमेटी बनाकर उसे 4 मार्च तक लटकाना चाहती है 4 मार्च को ही आखिरी चरण का मतदान होना है।

अब देखना होगा कि परीक्षार्थी सरकार के इस आश्वासन पर कितना भरोसा करते हैं।

एक ही अभ्यर्थी कई केंद्रों पर हुए चयनित

मार्च 2019 में हुई ग्रुप डी की परीक्षा में विज्ञापन में एक ही लिखित परीक्षा का प्रावधान था सालों रिजल्ट रोके रखा गया और जब रिजल्ट आउट हुआ तू एक ही अभ्यर्थी 4 केंद्रों पर चयनित हो गए जिससे बहुत से अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पाया। इसी बात को लेकर अभ्यर्थी सरकार के विरोध में आंदोलन करने लगे आंदोलन उग्र रूप धारण करने लगा तो डैमेज कंट्रोल के तहत आज रेल मंत्री ने जांच का झांसा दे दिया।

You may have missed