October 4, 2022

अवधभूमि

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नई आबकारी नीति को लेकर बदनाम हो रही यूपी सरकार: घर – घर बार का लाइसेंस देने पर देह व्यापार जुए के अड्डे और प्रतिबंधित नशे का कारोबार यूपी में चरम पर पहुंचने की संभावना:

लखनऊ। अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी द्वारा तैयार की गई नई आबकारी नीति में हर घर में शराब और बार की व्यवस्था को प्रदेश सरकार की मंजूरी मिल जाने के बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि इससे जहां उत्तर प्रदेश में बार के साथ-साथ देह व्यापार जुए के अड्डे और प्रतिबंधित मादक द्रव्यों का प्रचार प्रसार बढ़ सकता है वही इस कारोबार में बड़े पैमाने पर माफियाओं के शामिल होने का खतरा है।

कहीं यूपी में अवैध रूप से चल रहे बार को वैधानिक बनाने की योजना तो नहीं

देखने में आ रहा है कि होम बार का लाइसेंस एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन इसकी इंसाइड स्टोरी कुछ और ही है। सूत्रों पर विश्वास करें तो प्रदेश के गाजियाबाद नोएडा मेरठ आगरा बरेली सहारनपुर कानपुर लखनऊ गोरखपुर प्रयागराज और वाराणसी आदि शहरों में बड़े पैमाने पर कई नौकरशाहों नेताओं और उद्योगपतियों के फ्लैट और कोठियां हैं जो खाली पड़ी है। इन खाली पड़ी कोठियों में अवैध जुए के अड्डे मसाज पार्लर बार हुक्का बार आदि चल रहे हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती और अब इसी अवैध कारोबार को वैधानिक करने के लिए घरेलू बार लाइसेंस का नाटक रचा जा रहा है जबकि वास्तविकता गैर कानूनी कारोबार को मान्यता के दायरे में लाना है।

घरेलू लाइसेंस कानून बनाने के बदले हुई है बड़ी डील

इस बात की आशंका है कि अवैध कारोबार में लिप्त लोगों ने आबकारी महकमे के नीति निर्माताओं से सांठगांठ कर यह छूट प्राप्त की है। घरेलू बार लाइसेंस के सहारे अवैध रूप से चल रहे सभी बार जहां पुलिसिया कार्रवाई से बच जाएंगे वही अब अपराधियों को भी बार में बैठना आसान हो जाएगा।

खराब हो रही है सरकार की छवि

आबकारी विभाग ने जब से घरेलू बार लाइसेंस की घोषणा की है सरकार की छवि पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ा है लोग हैरान है कि योगी आदित्यनाथ ऐसा नहीं कर सकते जरूर अधिकारियों ने उन्हें गुमराह कर इस प्रकार की नीति पर कैबिनेट की मुहर लगवा ली है।

मद्य निषेध पर थोपे जा रहे हैं करोड़ों रुपए

एक तरफ मध्य निषेध पर जागरूकता फैलाने के लिए सरकार करोड़ों रुपए प्रचार-प्रसार पर फूंक रही है वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग घर-घर दारू पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है। मद्य निषेध विभाग जहां लोगों को दारु पीने के नुकसान बता रहा है वही दारु पीने की सारी अड़चनें खत्म करते हुए आबकारी विभाग हर घर में एक बार खोलने की योजना बना रहा है निश्चित रूप से इससे सरकार की छवि पर विपरीत असर पड़ेगा।