October 5, 2022

अवधभूमि

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यादव सिंह का भी बाप निकला संजय भूसरेड्डी : शीरा आवंटन के खेल में 20 हजार करोड रुपए का घोटाला: पोंटी चड्ढा की शराब कंपनी वेब ग्रुप के साथ मिलकर किया खेल

लखनऊ। आबकारी चीनी उद्योग और गन्ना विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी ने घोटालों के सारे कीर्तिमान तोड़ दिया है। शराब माफियाओं को शीरा आवंटन के दौरान अनुचित लाभ पहुंचाने की एवज में प्रतिमाह 100 करोड़ से भी ज्यादा का वारा न्यारा कर रहे हैं।

कैसे होता है घोटाला

विभाग के कुछ अधिकारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि चीनी मिलों की डिस्टलरी से देसी मदिरा के लिए ₹150 प्रति कुंतल की दर से शीरा शराब कंपनियों को आवंटित किया जाता है। जबकि खुले बाजार से मिलने वाले शीरे का मूल्य लगभग ₹800 प्रति कुंतल है। वास्तव में खेल शीरे के आवंटन के दौरान ही हो जाता है।

अमित अग्रवाल है मास्टरमाइंड

इस खेल में मृतक आश्रित कोटे में लिपिक पद पर तैनात अमित अग्रवाल को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि संजय भूसरेड्डी इसी अमित अग्रवाल के माध्यम से शराब माफिया पोंटी चड्ढा की वाइन कंपनी वेब ग्रुप के संपर्क में आए। वेब ग्रुप के प्रभाव में आकर संजय भूसरेड्डी ने डिस्टलरी से शीरा आवंटन का काम अमित अग्रवाल को दे दिया।

वेब ग्रुप को ₹800 प्रति क्विंटल वाला सिरप मात्र ₹150 प्रति कुंटल में मिल रहा है

शीरा आवंटन में इतना बड़ा खेल हो रहा है कि शराब कंपनी ₹150 प्रति क्विंटल वाला शीरा खरीद रही है जबकि अपने व्यय में इसे ₹800 प्रति क्विंटल दिखा रही है। इस तरह एक अनुमान के मुताबिक प्रतिवर्ष लगभग 500 लाख क्विंटल शीरा की बिक्री होती है। इस तरह से लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए का खेल प्रतिवर्ष होता है।

संजय भूसरेड्डी और चीनी मिल तथा शराब माफिया मिलकर करते हैं खेल

एक और जहां शराब कंपनियां संजय भूसरेड्डी और अमित अग्रवाल के बूते चीनी कंपनियों से देसी मदिरा में इस्तेमाल होने वाली ₹150 प्रति क्विंटल वाला शीरा खरीद कर उसे फ्री सेल यानी 800 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिलिंग करा लेते हैं और आयकर विभाग तथा जीएसटी में भी चूना लगाते हैं वही सरकार को प्रत्यक्ष रूप से हजारों करोड़ रुपए का राजस्व क्षति हो जाती है।

कुछ शराब कंपनियों में पार्टनरशिप

वैसे तो अमित अग्रवाल महज एक लिपिक है लेकिन उसका रुतबा इस तरह का है कि उसके खिलाफ एक भी शब्द अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी सुनने को तैयार नहीं है। कहां जा रहा है कि कुछ शराब कंपनियों में संजय भूसरेड्डी के करीबी लोग पार्टनरशिप में है। यह सब अमित अग्रवाल के मैनेजमेंट में हो रहा है।

श्रीराम ग्रुप की चीनी मिलों में संजय भूसरेड्डी की पार्टनरशिप

जानकारी मिली है कि पिछले 5 सालों में संजय भूसरेड्डी ने अरबों रुपए की संपत्ति जुटाई है। सूत्रों ने दावा किया है कि श्रीराम सीमेंट ग्रुप की हरदोई में चल रही चीनी मिल में संजय भूसरेड्डी की साझेदारी है। यहां की डिस्टलरी से जो शीरे का आवंटन होता है उसका काम भी अमित अग्रवाल ही देखता है।