November 26, 2022

अवधभूमि

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नोटबंदी से 1 साल पहले ही छाप कर रखी गई थी 500 और 2000 के नोट: साजिश के तहत की गई थी नोटबंदी

मुंबई। एक आरटीआई में बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक नोटबंदी साजिश के तहत की गई थी। आरटीआई के जवाब में आरबीआई में जो जानकारी दी है उसके मुताबिक 8 नवंबर 2016 से 1 साल पहले ही नई करेंसी की छपाई हो चुकी थी।

करेंसी नोट प्रेस-#नासिक ने RTI के जवाब में बताया है कि तत्कालीन गवर्नर “उर्जित पटेल” के दस्तखत वाले नए डिजाइन के ₹500 मूल्य के नोट पीएम द्वारा 8/11/2016 को नोटबंदी की घोषणा के 19 महीने पहले 15/04/2015 को छापे गए थे। जबकि श्री पटेल RBI के गवर्नर 5/10/2016 में नियुक्त किए गए थे।

फिर सब सनसनीखेज खुलासे के बाद केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि नोटबंदी के फैसले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है और सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर केंद्र सरकार को नोटिस दिया है। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का जवाब अब तक देने में विफल रही है और उसमें 4 हफ्ते का समय मांगा है।

विपक्ष नोटबंदी के फैसले को लगातार घोटाला बताता रहा है। नोट बंदी का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अकेले किया या फिर इस फैसले में वित्त मंत्रालय के जिम्मेदार अधिकारी और आरबीआई गवर्नर भी शामिल थे इसका स्पष्टीकरण सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार को देना है।

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