November 26, 2022

अवधभूमि

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प्रतापगढ़ में ठप पड़ी महिला स्वयं सहायता समूह की गतिविधियां : गरीबी और कर्ज के दलदल में फंस गई महिलाएं:

प्रतापगढ़। ग्रामीण क्षेत्र के गरीब महिलाओं खूब गरीबी के दलदल से उबारने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एक बड़ा जरिया था और उसका सकारात्मक परिणाम भी निकला था लेकिन बीते 1 वर्ष में उपायुक्त स्वरोजगार कार्यालय की निष्क्रियता और उदासीनता के चलते जनपद में महिला स्वयं सहायता समूह की गतिविधियां लगभग ठप पड़ी है। महिलाओं के प्रशिक्षण और उन्हें रोजगार के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में कोई प्रगति नहीं होने के चलते सेट करो समूह की व्यावसायिक गतिविधियां ना के बराबर हैं।

एक समय प्रतापगढ़ जनपद महिला स्वयं सहायता समूह की व्यावसायिक गतिविधियों और सक्रियता के चलते प्रदेश में टॉप 20 में आता था लेकिन आज अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही के चलते जनपद की रैंकिंग 7 से ऊपर चली गई है।

हड़ताल पर है ब्लॉक मिशन प्रबंधक

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में ब्लॉक मिशन प्रबंधक हड़ताल पर हैं जिसके चलते जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन लकवा ग्रस्त हो गया है। उपायुक्त स्वतः रोजगार कार्यालय में आकर आराम फरमाते हुए देखे जा सकते हैं उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन या इससे जुड़े महिलाओं के भविष्य की कोई परवाह नहीं है। वेतन और अन्य सुख सुविधाओं का भोग करते हुए इस समय वह अपना सबसे अच्छा समय बिता रहे हैं।

निराश है महिलाएं

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं अब निराश हो गई है। सूखा राशन अभिकर्ता के रूप में काम करने वाली महिलाओं का कहना है कि उन्हें मानदेय समय से नहीं दिया जा रहा है। उनका शोषण किया जा रहा है।

कुल मिलाकर प्रतापगढ़ जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन दम तोड़ता हुआ नजर आ रहा है।

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