
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2023 -24 से संबंधित आबकारी विभाग के राजस्व आंकड़े अभी तक जारी नहीं किए गए हैं जिसको लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि इस बार के राजस्व आंकड़े जारी करने में इसलिए समस्या आ रही है क्योंकि प्रमुख सचिव ने सभी आंकड़े यूपी की एक्साइज पोर्टल से ही लेने के निर्देश दिए हैं। ऐसा करने पर आंकड़ों में लाइसेंस फीस और बिक्री से प्राप्त उत्पादन शुल्क के आंकड़े अलग हो जाएंगे। सरकार को यह आंकड़ा जारी करने में दिक्कत हो रही है कि बियर देसी मदिरा विदेशी मुद्रा की बिक्री से कितना राजस्व मिला लाइसेंस फीस से कितना राजस्व मिला है। ऐसा इसलिए हो रहा है कि पोर्टल पर यह सभी डाटा अपलोड नहीं है जबकि प्रमुख सचिव पोर्टल के अलावा जो भी उत्तर दिया जा रहा है उसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। विषम परिस्थितियों को देखते हुए आज आबकारी आयुक्त आबकारी मुख्यालय का दौरा कर रहे हैं।
जोगिंदर सिंह कैसे करता है आंकड़ों में हेरा फेरी
मिली जानकारी के मुताबिक अवैध रूप से जॉइंट डायरेक्टर बन बैठा जोगिंदर सिंह हमेशा आंकड़ों में हेरा फेरी करता है। जो भी लाइसेंसी शराब के इंडेंट के रूप में एडवांस भुगतान करते हैं उसे भी वास्तविक अकाउंट में दर्शा दिया जाता है। दरअसल fl2cl का इंडेंट ऑनलाइन होने के बाद अब कोई भी शराब कंपनी किसी भी गोदाम से एडवांस भुगतान नहीं प्राप्त कर पा रही है जिसकी वजह से वह एडवांस खाते में योगदान भी नहीं कर पा रही है । मिली जानकारी के मुताबिक आबकारी विभाग अपने वास्तविक राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 10000 करोड़ रुपए नहीं जुटा पाया है। सूत्रों का मानना है कि इस बार आबकारी विभाग की शुद्ध आय लगभग 40000 करोड़ के आसपास है जिसको 50000 करोड रुपए दिखाने के लिए आंकड़ों में हेरा फेरी की जा रही है।




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