
रामनारायण त्रिपाठी
डिप्टी एक्ससाइज कमिश्नर (रिटायर्ड) जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी आईएफएस, शैलेंद्र त्रिपाठी एडवोकेट हाईकोर्ट


आबकारी विभाग की कॉलोनी में अवैध कब्जा: सवाल–जवाब में पूरा मामला
सवाल 1: तस्वीरों में क्या साफ दिख रहा है?
जवाब: तस्वीरों में आबकारी विभाग की एक पुरानी आवासीय कॉलोनी साफ दिखाई दे रही है। लोहे का गेट, ईंटों के खंभे, अंदर सरकारी भवन, बरामदे और सहायक संरचनाएं यह प्रमाणित करती हैं कि यह निजी नहीं बल्कि सरकारी संपत्ति है।
सवाल 2: गेट पर लगे नाम क्या संकेत देते हैं?
जवाब: गेट के खंभों पर लगी पट्टिकाओं पर आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों—जिनमें रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर स्तर के नाम शामिल हैं—अंकित हैं। यह दर्शाता है कि यह आवास कभी विभागीय रूप से आवंटित किया गया था, लेकिन आज भी उन्हीं नामों के साथ कब्जे में है।
सवाल 3: क्या सेवानिवृत्त अधिकारी सरकारी आवास में रह सकते हैं?
जवाब: नहीं। नियमों के अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद निर्धारित समय सीमा में सरकारी आवास खाली करना अनिवार्य है। इसके बाद कब्जा अनधिकृत माना जाता है और किराया/दंड की कार्रवाई का प्रावधान है।
सवाल 4: फिर अब तक यह कब्जा कैसे बना हुआ है?
जवाब: यही सबसे बड़ा सवाल है। तस्वीरें बताती हैं कि—
आवास खाली नहीं कराया गया
नाम पट्टिकाएं आज भी लगी हैं
परिसर बंद गेट के भीतर निजी उपयोग में प्रतीत हो रहा है
इससे विभागीय लापरवाही या संरक्षण की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सवाल 5: क्या यह सिर्फ एक आवास का मामला है?
जवाब: सूत्रों के मुताबिक यह मामला केवल एक भवन तक सीमित नहीं है। कॉलोनी में कई आवासों पर पूर्व अधिकारियों और अन्य लोगों के कब्जे की चर्चा है, जिसकी आज तक कोई सार्वजनिक जांच नहीं हुई।
सवाल 6: क्या भू-माफिया एंगल भी हो सकता है?
जवाब: विशेषज्ञों का मानना है कि जब विभागीय निगरानी कमजोर होती है, तो सरकारी जमीन पर पहले “अस्थायी कब्जा” और फिर स्थायी हड़प की कोशिशें शुरू होती हैं। आबकारी विभाग की बहुमूल्य जमीन पर भू-माफियाओं की नजर होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सवाल 7: विभागीय अधिकारी क्या कर रहे हैं?
जवाब: अब तक न तो कब्जाधारियों की कोई आधिकारिक सूची जारी हुई है और न ही किसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या प्रभावशाली रिटायर्ड अधिकारियों के कारण कार्रवाई रुकी हुई है?
सवाल 8: इस पूरे मामले का नुकसान किसे हो रहा है?
जवाब:
सरकार को बहुमूल्य जमीन और राजस्व का नुकसान
विभाग की साख पर सवाल
और भविष्य में बड़े भूमि घोटाले का खतरा
सवाल 9: अब क्या किया जाना चाहिए?
जवाब:
सभी विभागीय आवासों की स्थिति की जांच
सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा किए गए कब्जों की सूची सार्वजनिक
अनधिकृत कब्जों पर तत्काल बेदखली
और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच
सवाल 10: क्या यह मामला दब जाएगा?
जवाब: अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साफ माना जाएगा कि आबकारी विभाग की कॉलोनी में अवैध कब्जों को संरक्षण दिया जा रहा है—और यही भविष्य के बड़े घोटाले की बुनियाद बनेगा।




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