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आबकारी आयुक्त के खिलाफ पीएमओ में दर्ज हुई शिकायत, भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा पहुंचा प्रधानमंत्री कार्यालय



प्रयागराज/नई दिल्ली।
उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार अब राज्य की सीमाएं पार कर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गया है। आबकारी आयुक्त पर भ्रष्टाचार, शराब तस्करी को संरक्षण देने और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोपों को लेकर पीएमओ में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
यह शिकायत नैनी (प्रयागराज) की श्रमिक बस्ती के सामाजिक कार्यकर्ता विनय मिश्रा द्वारा की गई है, जिसमें आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े किए गए हैं।
पर्सनल असिस्टेंट पर भी गंभीर आरोप
शिकायत में सिर्फ आबकारी आयुक्त ही नहीं, बल्कि उनके पर्सनल असिस्टेंट (PA) पर भी अवैध वसूली, दबाव बनाकर धन उगाही और विभागीय प्रभाव का दुरुपयोग करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि बिना “मैनेजमेंट” के न तो लाइसेंस संबंधी काम होता है और न ही कार्रवाई रुकती है।
शराब तस्करी को संरक्षण देने का आरोप
पीएमओ में दर्ज शिकायत के अनुसार, अवैध शराब कारोबार और तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई न होना संदेह के घेरे में है। आरोप है कि विभागीय मिलीभगत के चलते तस्कर बेखौफ होकर काम कर रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
पीएमओ तक पहुंचा भ्रष्टाचार का मामला
शिकायत के पीएमओ में दर्ज होते ही आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि अगर मामले की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए तो उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल
आबकारी नीति पहले से ही विवादों में घिरी हुई है और अब आयुक्त स्तर के अधिकारी पर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज होने से मामला और गरमा गया है। सूत्रों का कहना है कि विभाग के कई बड़े चेहरे रडार पर आ सकते हैं।
👉 अब बड़ा सवाल यह है
क्या आबकारी विभाग के शीर्ष अधिकारियों पर गिरेगी गाज?
क्या पीएमओ के हस्तक्षेप से खुलेगा शराब तस्करी और वसूली का पूरा नेटवर्क?
जांच की आंच तेज है… और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे संभव हैं।

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