
प्रतापगढ़। एकात्म मानववाद के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रचिंतक और अंत्योदय के सूत्रधार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर मंगलवार को अफीम कोठी सभागार में ‘समर्पण दिवस’ भावपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रनिर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जिला अध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का ‘अंत्योदय’ दर्शन केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारत के समग्र विकास का मार्गदर्शक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी नहीं पहुंचेगी, तब तक सच्चे अर्थों में राष्ट्र सशक्त नहीं हो सकता। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे सभी योजनाएं पंडित जी के विचारों को मूर्त रूप देने का कार्य कर रही हैं।
पूर्व जिला अध्यक्ष के.के. सिंह ने कहा कि पंडित जी का जीवन सादगी, सिद्धांत और संगठन के प्रति पूर्ण समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे उनके विचारों को आत्मसात कर समाज सेवा को अपना ध्येय बनाएं।
ओमप्रकाश त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और चिंतन को आधुनिक राजनीति से जोड़ा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में उनके पदचिह्नों पर चलने और अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने की शपथ ली। पूरे सभागार में राष्ट्रसेवा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से राजेश सिंह, राम आसरे पाल, अशोक सरोज, संतोष मिश्रा, कृष्णकांत मिश्र (छोटे भइया), माधुरी सिंह, रूची केशरवानी, अंशुमान सिंह, सूर्य प्रकाश पटेल, ओम प्रकाश पाण्डेय (गुड्डू), राघवेंद्र शुक्ला, बृजेश पाण्डेय, अनिल सिंह, सभासद विक्रम सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




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