
बड़ी खबर | GST घोटाले का भंडाफोड़
आजमगढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय GST/ITC घोटाले का पर्दाफाश करते हुए करोड़ों की टैक्स चोरी करने वाले गिरोह को बेनकाब कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
7 जुलाई 2025 को GST विभाग की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में सामने आया कि फर्जी फर्में बनाकर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा था।
♂️ कौन-कौन गिरफ्तार?
विकास कुमार (लुधियाना, पंजाब)
बलजीत सिंह (फतेहगढ़ साहिब, पंजाब)
दोनों आरोपियों को पंजाब के गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार कर 2 मई 2026 को ट्रांजिट रिमांड पर आजमगढ़ लाया गया।
कितना बड़ा घोटाला?
₹41.93 करोड़ की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखाई गई
₹7.54 करोड़ का फर्जी ITC क्लेम किया गया
यानी सरकार को करोड़ों का भारी नुकसान
फर्जी कंपनियों का जाल
गिरोह पंकज इंटरप्राइजेज, भोलानाथ इंटरप्राइजेज, शिवम ट्रेडर्स और वी.के. इंटरप्राइजेज जैसी कई फर्जी फर्में चला रहा था।
️ कैसे करते थे फ्रॉड? (Modus Operandi)
फर्जी दस्तावेजों से कंपनियां रजिस्टर कराई जाती थीं
सिम कार्ड और तकनीकी सेटअप से नेटवर्क तैयार किया गया
केवल कागजों में माल की खरीद-बिक्री दिखाकर ITC का फर्जी क्लेम लिया जाता था
⚠️ आगे क्या?
पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य फरार आरोपियों और फर्जी कंपनियों की तलाश में जुटी है। जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
सवाल उठता है:
क्या GST सिस्टम में इतनी बड़ी सेंध बिना अंदरूनी मदद के संभव है?
इस खबर पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।




More Stories
आबकारी पॉलिसी 2026: 75% नियम के बहाने क्या बड़े शराब कारोबारी के लिए बाजार को नियंत्रित करने के लिए पॉलिसी में किया गया प्रावधान?
एक्सक्लूसिव इन्वेस्टिगेशन | आबकारी नीति पर बड़ा सवाल — “कागज़ी कोटा, जमीनी खेल?” अप्रैल में लाइसेंस नहीं, फिर भी उठान जारी — आंकड़ों में हेरफेर या सिस्टम की सबसे बड़ी नाकामी?
प्रयागराज आबकारी विभाग में ‘मॉडल शॉप बनाम कंपोजिट दुकान’ विवाद, नियमों की अनदेखी के आरोप: