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ब्रेकिंग न्यूज़ | 2024 का सड़क घोटाला उजागर — ठेकेदार पर FIR, अफसरों की भूमिका पर बड़े सवाल:


संडवा चंद्रिका/प्रयागराज।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता बृजमोहन सिंह द्वारा ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कराए जाने के बाद अब पूरे मामले में अफसरों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतेंद्र गुप्ता (मैसर्स श्याम इंटरप्राइजेज, उग्रसेनपुर बीबीपुर, प्रयागराज) के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने मार्च 2024 में सराय उगई क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य कराया, जबकि उसी सड़क पर कुछ माह पहले ही ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (RES) द्वारा इंटरलॉकिंग का कार्य कराया जा चुका था और उसका भुगतान भी हो चुका था।
 गंभीर आरोप:
नई सड़क बनाने के नाम पर ठेकेदार ने पहले से बनी इंटरलॉकिंग सड़क की ईंटें उखाड़कर उठा लीं। इस पूरे मामले की शिकायत लाल राघवेंद्र सिंह ने SDM से की थी, जिसके बाद मामला उजागर हुआ।
❗ बृजमोहन सिंह की भूमिका क्यों संदिग्ध?
यहां सबसे बड़ा सवाल PWD के अधिशासी अभियंता बृजमोहन सिंह पर खड़ा हो रहा है:
 भुगतान खुद के स्तर से हुआ:
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस कार्य का भुगतान स्वयं अधिशासी अभियंता के स्तर से पास हुआ। ऐसे में बिना स्थल सत्यापन के भुगतान कैसे कर दिया गया?
 डुप्लीकेट कार्य की अनदेखी:
जिस सड़क पर पहले से RES द्वारा कार्य हो चुका था, वहां दोबारा निर्माण की अनुमति देना या भुगतान करना स्पष्ट लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
 जांच से बचाव क्यों?
FIR केवल ठेकेदार पर दर्ज की गई, जबकि भुगतान और तकनीकी स्वीकृति देने वाले अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं — यह जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
❓ ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (RES) की चुप्पी भी सवालों में
जिस सड़क का निर्माण RES ने कराया था, उसकी सुरक्षा और गुणवत्ता की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की थी।
सड़क उखाड़े जाने के बावजूद कोई तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, जिससे यह संदेह गहराता है कि दोनों विभागों के बीच तालमेल या मिलीभगत हो सकती है।
⚖️ किसकी क्या जिम्मेदारी थी?
PWD (लोक निर्माण विभाग):
स्थल का सत्यापन करना
डुप्लीकेट कार्य रोकना
भुगतान से पहले गुणवत्ता जांच
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (RES):
पूर्व निर्मित सड़क की सुरक्षा
अवैध छेड़छाड़ पर तत्काल FIR
निगरानी और रिपोर्टिंग
 दोनों ही विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में नाकाम नजर आ रहे हैं।
 क्या होनी चाहिए कार्रवाई?
विशेषज्ञों के अनुसार इस मामले में:
✔️ अधिशासी अभियंता बृजमोहन सिंह की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच (Vigilance/CBI स्तर)
✔️ भुगतान प्रक्रिया की ऑडिट जांच
✔️ RES अधिकारियों की जवाबदेही तय
✔️ ठेकेदार से सरकारी धन की रिकवरी
✔️ दोषियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
裡 निष्कर्ष
यह मामला केवल एक सड़क का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता का है।
जब भुगतान से लेकर निगरानी तक की पूरी प्रक्रिया में खामियां दिख रही हैं, तो सवाल उठना लाजिमी है —
 क्या यह सिर्फ लापरवाही है या एक सुनियोजित खेल?
(अवधभूमि न्यूज़ के लिए विशेष रिपोर्ट)

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