उत्तर प्रदेश रेरा प्रमुख संजय भूस रेड्डी सचिव पी के उपाध्याय और सदस्य डिंपल वर्मा सवालों के घेरे में:

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नए गन्ना आयुक्त पीके उपाध्याय की शिकायत सुप्रीम कोर्ट समेत कई संवैधानिक एजेंसियों से की गई है। उत्तर प्रदेश रेरा सचिव के रूप में पीके उपाध्याय पर कई दागी और अपराधी रियल एस्टेट माफियाओं की अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मदद करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
सचिव पीके उपाध्याय और सदस्य डिंपल वर्मा ने हर कदम पर निवेशकों के हितों की रक्षा करने के बजाय असल के साथ खडे नजर आए। सत पी के उपाध्यक्ष पर गंभीर आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश रेरा की वेबसाइट पर अपलोड कई महत्वपूर्ण आदेश को डैशबोर्ड से रिमूव कर दिया। यह सब अंसल ग्रुप को राहत देने के लिए किया गया। इस संबंध में असल प्रोजेक्ट में निवेश करने वाली एक खरीददार ने उत्तर प्रदेश रेरा प्रमुख संजय बस रेडी को एक शिकायत काफी पहले भेजी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। निवेशकों ने डिंपल वर्मा पीके उपाध्याय और संजय भूस रेड्डी की असल से मिली भगत का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।



अधिवक्ता अंजली सिंह और सौरभ सिंह ने उत्तर प्रदेश रेरा प्रमुख संजय भूस रेड्डी सदस्य डिंपल वर्मा और सचिव पीके उपाध्याय की मिली भगत का खुलासा करते हुए यह शिकायती पत्र।







अंसल ग्रुप कितना प्रभावी है इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने उत्तर प्रदेश रेरा के अध्यक्ष सचिव और सदस्य सबको अनुचित लाभ देकर अपने पक्ष में कर लिया है। रेरा प्रमुख सचिन और सदस्य डिंपल वर्मा के आदेश स्पष्ट बताते हैं कि उनके मन में हजारों करोड रुपए के घोटाले के आरोपी असल के प्रति कितनी हमदर्दी है।




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