
नई दिल्ली। एसबीआई और केंद्र सरकार का इलेक्टोरल बांड छुपाने के लिए कोई पैंतरा काम नहीं आ रहा है। आज लगभग 40 मिनट तक चली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई के किसी दलील को मानने से इनकार कर दिया और स्पष्ट निर्देश दिया कि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया सारी जानकारी 12 मार्च तक उपलब्ध कराएगी और चुनाव आयोग 15 मार्च को शाम 5:00 तक इलेक्टोरल बांड खरीददारों की पूरी सूची अपनी वेबसाइट पर साझा करें। साथ ही चुनाव आयोग को भी यही निर्देश दिया है।
आज सुनवाई शुरू होने पर एसबीआई की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील तुषार मेहता ने कहा कि एसबीआई को जानकारी साझा करने में कोई दिक्कत नहीं है इसे थोड़ा और समय चाहिए इस पर सुप्रीम कोर्ट नैनीताल की टिप्पणी करते हुए कहा कि अभी तक एसबीआई ने क्या किया इस पर हालकनामा दाखिल करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बंद लिफाफा खोलना भर है इतने काम के लिए किस बात का समय। सुप्रीम कोर्ट ने इसके बाद स्पष्ट निर्देश दिया कि 15 मार्च तक सभी जानकारी बैंक की वेबसाइट पर पब्लिश हो जानी चाहिए




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