योगी हुए लाचार:

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार चुनावी समीक्षा कर रहे हैं लेकिन उनके ही कैबिनेट के सबसे ज्यादा ताकतवर दोनों उपमुख्यमंत्री उनकी बैठक का बहिष्कार कर रहे है। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की किसी भी बैठक में केशव प्रसाद मौर्य शामिल नहीं हुए अब इस तरह से बृजेश पाठक भी उनकी बैठकों का हिस्सा नहीं बन रहे हैं। इतना ही नहीं पार्टी संगठन के भी कई वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक और उपचुनाव को लेकर उनकी रणनीति का हिस्सा बनने से इनकार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं को केंद्रीय नेतृत्व की सह प्राप्त है।
योगी आदित्यनाथ की लाचारी यह है कि वह किसी तरह का एक्शन इन नेताओं के खिलाफ नहीं ले पा रहे हैं । इस समय योगी आदित्यनाथ के खिलाफ असंतोष का बिगुल बजाने वालों का ठिकाना या तो केशव प्रसाद मौर्य का आवास है या फिर बृजेश पाठक का दफ्तर। सब कुछ जानते हुए योगी आदित्यनाथ nn नेताओं के खिलाफ कोई भी कारवाई करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं क्योंकि विधायकों का पर्याप्त समर्थन उनको मिला नहीं है और संगठन पहले से ही उनसे नाराज चल रहा है जबकि केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन सभी असंतुष्ट नेताओं और विधायक मंत्रियों को प्राप्त है।
इन परिस्थितियों में योगी आदित्यनाथ के भविष्य को लेकर अब भी अटकलें का दौर जारी है।




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