
नई दिल्ली। इलेक्टोरल बांड का मामला मोदी सरकार के लिए सर दर्द हो गया है। एसबीआई ने इस मामले में जानकारी सार्वजनिक करने के लिए जब सुप्रीम कोर्ट से जून तक की मोहलत मांगी तो वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इसे कोर्ट की अवमानना बताते हुए एक याचिका दाखिल कर दी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है और इस मामले की सुनवाई सोमवार से शुरू होगी।
जानकारों का मानना है कि मामला शुरू होने के बाद एसबीआई के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट कड़ी कार्रवाई कर सकता है और यदि ऐसा हुआ तो चुनाव से पहले इलेक्टरल बॉन्ड के सभी खरीददारों का नाम सार्वजनिक करना पड़ेगा ऐसे में किस राजनीतिक दल को किस उद्योगपति ने इलेक्टोरल बांड खरीद कर दिया है इसका खुलासा हो जाएगा और सरकार यह नहीं चाहती है कि उसका किसी उद्योगपति के साथ संबंध चुनाव से पहले जाहिर हो जाए।




More Stories
प्रयागराज आबकारी मुख्यालय की जमीन पर कब्जा, दीवार पर लगे बोर्ड ने खोली पोल—अधिवक्ता चैंबर की आड़ में अतिक्रमण:
फुटकर दुकानों की लाइसेंस फीस 20% तक बढ़ाए जाने की खबर: मंजूरी के लिए कैबिनेट में आबकारी पॉलिसी भेजे जाने की चर्चा:
प्रांतीय खण्ड प्रतापगढ़ में बड़ी लूट की तैयारी: