चुनाव आयोग की भूमिका सवालों के घेरे में:

नई दिल्ली। जिस बात की आशंका जताई जा रही थी वह सच साबित हुई है। भारतीय जनता पार्टी की वर्तमान में केंद्र सरकार चुनाव आयोग की वजह से बन पाई है। 79 लोकसभा की वह सीट जो बेईमानी से जीती गई है उसका विवरण अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है।
वांटेड फॉर डेमोक्रेसी नामक संगठन ने लोकसभा चुनाव की उन सीटों की पहचान की है जहां पर चुनाव के एक सप्ताह बाद चुनाव आयोग ने 6 से 8% तक मतदान में वृद्धि दर्ज की यह वही सिम हैं जहां पर भाजपा को जीत दर्ज हुई लेकिन जहां पर चुनाव आयोग ने मतदान के दिन ही मतदान प्रतिशत घोषित किया था वहां पर भाजपा को हार मिली है। संगठन ने विश्लेषण करके यह पाया है कि जिस लोकसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत देरी से घोषित किया वहां अधिकांश सीटों पर भाजपा को जीत मिली है जहां मत दान प्रतिशत सामान्य रहा है वहां भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। संगठन की माने तो इस बार भाजपा को चुनाव आयोग की वजह से ही जीत मिली है।
संगठन ने सीधे-सीधे चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है देखना है चुनाव आयोग इसका क्या प्रमाणिक जवाब देता है।




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