बरेली से धामपुर तक: डिस्टिलरी सेक्टर पर आयकर की नजर, लेकिन सवाल भी बरकरार:

बरेली स्थित सुपीरियर डिस्टिलरी पर चल रही आयकर विभाग की कार्रवाई के बीच अब उद्योग जगत में अन्य मामलों की भी चर्चा तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, शराब उद्योग की एक बड़ी कंपनी रेडिको खेतान से जुड़ा लगभग 1,078 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी का मामला भी सामने आया था। हालांकि, इस प्रकरण में अब तक आयकर विभाग की ओर से किसी प्रत्यक्ष छापेमारी या सख्त कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। इसको लेकर कारोबारी हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गति और स्वरूप में अंतर क्यों दिखाई दे रहा है।
इससे पहले धामपुर स्थित एक चीनी मिल और डिस्टिलरी पर भी आयकर विभाग ने कार्रवाई की थी, जहां वित्तीय लेनदेन और कर अदायगी से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की गई थी। उस कार्रवाई को शराब और शुगर सेक्टर में बड़े स्तर की जांच का हिस्सा माना गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 1,078 करोड़ रुपये जैसी बड़ी राशि का मामला तथ्यात्मक रूप से स्थापित होता है, तो यह देश के शराब उद्योग में कर अनुपालन को लेकर बड़ा संकेत हो सकता है। हालांकि, जब तक विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि या कार्रवाई सामने नहीं आती, तब तक इस मामले को आरोपों और जांच के दायरे में ही देखा जाएगा।
फिलहाल बरेली में जारी कार्रवाई और पूर्व में धामपुर में हुई जांच के बीच तुलना ने उद्योग जगत में पारदर्शिता और समान प्रवर्तन को लेकर बहस को तेज कर दिया है।
बरेली स्थित सुपीरियर डिस्टिलरी पर आयकर विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। 17 फरवरी से शुरू हुई यह छापेमारी अब कई अहम बिंदुओं पर गहन जांच में बदल चुकी है।
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, टैक्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं — बिक्री, स्टॉक, अंतरराज्यीय आपूर्ति और कर अदायगी — की विस्तृत पड़ताल की जा रही है, ताकि सभी प्रकार के कर लेनदेन का सत्यापन किया जा सके। विभागीय टीमें वित्तीय रिकॉर्ड, बिलिंग दस्तावेज और डिजिटल डाटा का मिलान कर रही हैं।
देर शाम तक चली कार्रवाई से फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में हलचल बनी रही। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया है। हालांकि उत्पादन गतिविधियां नियंत्रित ढंग से जारी हैं।
इस बीच, फैक्ट्री के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनीष अग्रवाल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सूत्रों का मानना है कि दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कथित टैक्स अनियमितताओं का दायरा कितना व्यापक है। फिलहाल आयकर विभाग की टीम रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हुई है और कार्रवाई समाप्त होने तक किसी बड़े खुलासे से इनकार नहीं किया जा सकता।




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