
अखिलेश यादव की मदद पाकर भावुक हुई खुशी दुबे, रुंधे गले से जताया आभार
कानपुर।
कानपुर के बहुचर्चित विकरु कांड में तीन वर्ष तक जेल में रहीं खुशी दुबे को मुश्किल समय में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मदद से बड़ी राहत मिली है। अखिलेश यादव के सहयोग से उनकी गंभीर रूप से बीमार मां के ऑपरेशन और इलाज की व्यवस्था हो पाई, जिसे लेकर खुशी दुबे भावुक हो उठीं और रुंधे गले से आभार जताया।
खुशी दुबे को विकरु कांड में निर्दोष होने के बावजूद करीब तीन साल जेल में रहना पड़ा। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर जब वह बाहर आईं, तब तक परिवार पूरी तरह बिखर चुका था। बेटी के जेल जाने का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर पाईं और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। उधर, पिता के पास मुकदमे और घरेलू परेशानियों के चलते इलाज के लिए पैसे तक नहीं बचे थे।
जेल से बाहर आने के बाद खुशी दुबे के सामने सबसे बड़ी चुनौती मां की जान बचाने की थी। उन्होंने कई जगह मदद की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से सहयोग नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से संपर्क किया। अखिलेश यादव ने पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ सुना और इलाज के लिए तुरंत मदद का भरोसा दिलाया।
अखिलेश यादव की पहल से अब खुशी दुबे की मां के ऑपरेशन और इलाज की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस मदद को पाकर खुशी दुबे भावुक होकर बोलीं,
“मैंने सबसे मदद मांगी, लेकिन सिर्फ अखिलेश यादव जी ने मेरी बात सुनी। आज उनकी बदौलत मेरी मां का इलाज हो पा रहा है। मैं जिंदगी भर इस एहसान को नहीं भूल सकती।”
खुशी दुबे की यह आपबीती न सिर्फ विकरु कांड के बाद परिवार पर पड़े असर को सामने लाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कठिन समय में मिला मानवीय सहयोग किसी के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बन सकता है।




More Stories
आरटीआई में बड़ा खुलासा: टपरी शराब घोटाले की शपथपत्र पर शिकायत, SIT रिपोर्ट और 20 करोड़ के आरोप—फिर भी प्रमुख सचिव आबकारी खामोश:
आबकारी विभाग की निरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल, स्वतंत्र जांच की उठी मांग: प्रथम निरीक्षण के रिकॉर्ड और पक्के मुआयने में विरोधाभास की चर्चा:
रविवार की छुट्टी में शीरा उपभोक्ता इकाइयों की आकस्मिक जांच: व्यवस्था सुधार या अंदरूनी खेल?