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रायबरेली में जीएसटी मोबाइल स्क्वाड की कार्रवाई पर सवाल, किसान का आरोप – वैध बिल के बावजूद ‘तस्करी’ बताया सामान:


 रायबरेली | ️ 7 अप्रैल 2026
रायबरेली जिले में जीएसटी विभाग की मोबाइल स्क्वाड (सचल दल) की एक कार्रवाई विवादों में आ गई है। मामला लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लहरा मऊ निवासी किसान सुरेश तिवारी का बताया जा रहा है, जहां एक किसान द्वारा खरीदे गए टीन-शेड और पाइप को विभागीय टीम ने कथित तौर पर “तस्करी” का सामान बताते हुए रोक लिया।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार  वायरल हो रही वीडियो में पीड़ित किसान के अनुसार वह अपने निजी उपयोग के लिए टीन-शेड और पाइप लेकर जा रहा था। उसके पास सामान के वैध बिल भी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद जीएसटी मोबाइल स्क्वाड ने वाहन को रोक लिया। आरोप है कि:
वाहन को लगभग 30 किलोमीटर दूर तक खींचकर ले जाया गया
सामान को संदिग्ध बताकर कार्रवाई की गई
किसान को काफी देर तक परेशान किया गया। पीड़ित किसान लालगंज थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
नियम क्या कहते हैं?
Goods and Services Tax Network (GST प्रणाली) के तहत:
यदि माल के साथ वैध बिल और ई-वे बिल मौजूद हो, तो सामान्य स्थिति में उसे नहीं रोका जाना चाहिए
केवल संदेह या दस्तावेज़ में गड़बड़ी होने पर ही कार्रवाई की जाती है
बिना ठोस कारण वाहन को लंबी दूरी तक ले जाना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है
विवाद क्यों बढ़ा?
इस मामले में खास बात यह है कि:
किसान के पास वैध दस्तावेज़ होने का दावा है
कार्रवाई को “अत्याचार” बताते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो/पोस्ट वायरल हो रहे हैं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह छोटे किसानों और व्यापारियों के साथ सख्ती का उदाहरण है
विभाग की प्रतिक्रिया?
अब तक जीएसटी विभाग की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, आमतौर पर विभाग का कहना होता है कि:
मोबाइल स्क्वाड की कार्रवाई कर चोरी रोकने के लिए होती है
हर कार्रवाई उपलब्ध दस्तावेज़ों के आधार पर की जाती है
निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या जमीनी स्तर पर जीएसटी नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है, या फिर छोटे लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। अगर किसान के पास वाकई वैध बिल थे, तो यह मामला जांच का विषय बन सकता है।
जानकारी के मुताबिक किसान कावीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग के अधिकारी किसान के मान मनव्वल में जुटे हुए हैं।

वायरल वीडियो का लिंक

https://www.facebook.com/share/v/17tRtedqJP/

फिलहाल इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की आवश्यकता है।

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