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पिछले वित्तीय वर्ष में आबकारी महकमे ने राजस्व आंकड़ों में की हजारों करोड़ की हेराफेरी: अप्रैल में आमदनी में तेज गिरावट से खुल गई पोल: मचा हड़कंप

लखनऊ। आबकारी महकमे के अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी के एक से बढ़कर एक कारनामे सामने आ रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक विभाग के पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग की वास्तविक आय से घोषित आय से हजारों करोड़ रूपया कम रहा। अब इसकी पोल खुल रही है। जानकार सूत्रों से पता चला है कि वाह वाही लूटने के लिए अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी और कमिश्नर सेंथिल पांडियन सी ने शराब कारोबारियों से एडवांस अकाउंट में लगभग 8000 करोड रुपए जमा करा लिए थे। और मार्च में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विभाग ने 42 हजार करोड़ रूपया का राजस्व प्राप्त करने का दावा किया। अब इस दावे की हवा निकल रही है। जानकार सूत्रों की माने तो अप्रैल माह में विभाग की आए तकरीबन एक हजार करोड़ रूपया कम होने का अंदेशा है। इसका कारण यह है कि जिन शराब कारोबारियों ने अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी और कमिश्नर सेंथिल पांडियन सी के कहने पर एडवांस अकाउंट में हजारों करोड़ डाले थे वह अप्रैल में इंडेंट के सापेक्ष एक्साइज ड्यूटी नहीं जमा कर रहे हैं और अपने एडवांस अकाउंट से डेबिट कर रहे हैं जिसकी वजह से इस माह की आमदनी में भारी गिरावट देखी जा रही है।

विभाग में मची खलबली बियर का टारगेट 7 से बढ़ाकर 14% किया गया

डिस्टलरी कारोबारियों द्वारा एडवांस जमा कराए गए रकम को अप्रैल माह में इंडेंट के सापेक्ष एडजस्ट किए जाने की वजह से विभाग की आमदनी लगातार गिर गई है जिसकी वजह से कमिश्नर और सचिव के होश उड़े हुए हैं। वह पोल खुलने की संभावना से डरे हुए हैं। इस बीच अनुज्ञापियो को मौखिक रूप से धमकाया जा रहा है यदि उन्होंने निर्देश के मुताबिक 14% तक उठान नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी।

आबकारी महकमे के दावे पर था जानकारों को संदेह:

कहां जा रहा है कि आबकारी विभाग द्वारा जब 42000 करोड़ के राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने का दावा किया गया तो इसको लेकर कई तरह के सवाल खड़े किए गए। जानकारों को भी आबकारी महकमे के दावे में कुछ ना कुछ झोल नजर आया। जब विभाग के दावे की गहराई से पड़ताल की गई तो पता चला कि विभाग ने अपने वास्तविक आय के साथ-साथ डिस्टलरी कारोबारियों द्वारा 4 माह का भुगतान जो एडवांस अकाउंट में जमा कराया गया था उसे भी जोड़कर घोषित किया गया। उस समय शासन में बड़ी वाहवाही लूटने वाले संजय भूसरेड्डी और कमिश्नर खुलने की वजह से भयभीत हैं और डिस्टलरी cl2 fl2 और फुटकर लाइसेंसी कारोबारियों पर अधिक से अधिक बीयर की उठान का दबाव बनाया जा रहा है और लक्ष्य 7% से बढ़ाकर 14% कर दिया गया है।

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