
लखनऊ। आबकारी मुख्यालय में तैनात इंस्पेक्टर प्रसेन रॉय की धांधली और अराजकता की कीमत अब आपकारी आयुक्त और प्रमुख सचिव को चुकानी होगी। प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आबकारी निरीक्षक अशोक कुमार प्रथम को सब इंस्पेक्टर की पोस्ट पर रिवर्ट कर दिया गया था बावजूद इसके इस तथ्य को छुपाते हुए बिना किसी ग्रेडेशन लिस्ट के अशोक कुमार प्रथम को इंस्पेक्टर से सहायक आबकारी आयुक्त पद पर प्रोन्नति दे दी गई। अवध भूमि न्यूज़ पर इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया और प्रमुख सचिव के आदेश पर इस विभागीय पदोन्नति को रोक दिया गया। शासन के आदेश के खिलाफ अशोक कुमार प्रथम हाई कोर्ट पहुंच गए जहां से विभाग को नोटिस जारी करते हुए ग्रेडेशन लिस्ट समेत तमाम पत्रावली को तलब कर लिया गया है। माना जा रहा है कि हाई कोर्ट में प्रसेन राय और आबकारी विभाग के पाप का भांडा फूट सकता है।




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