मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 23 को समर्पण करेंगे

लखनऊ। गोंडा स्थित स्टार लाइट डिस्टलरी में लाखों कुंतल मोलासेस और करीब 2 लाख लीटर ENA गबन के मुख्य आरोपी स्टार लाइट डिस्टलरी के मालिक जगदीश अग्रवाल को हाई कोर्ट से झटका लगा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए स्थगन आदेश के लिए उनके द्वारा दी गई याचिका खारिज हो गई है। याचिका खारिज होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट में समर्पण के लिए याचिका दाखिल की है जिस पर 23 जनवरी को सुनवाई होनी है। माना जा रहा है कि जगदीश अग्रवाल के आत्म समर्पण के बाद पुलिस कस्टडी रिमांड मांगेगी।
डिप्टी एक्साइज कमिश्नर आलोक कुमार जॉइंट एक्साइज कमिश्नर लखनऊ दिलीप कुमार मणि त्रिपाठी जिला आबकारी अधिकारी लवानिया तथा डिस्टलरी में तैनात रहे सहायक आबकारी आयुक्त रामप्रीत चौहान की करोड़ों रुपए के इस घोटाले में क्या भूमिका थी उसकी कड़ियां जोड़ने में पुलिस को मदद मिलेगी। जगदीश अग्रवाल के कस्टडी में आने के बाद आलोक कुमार दिलीप मणि त्रिपाठी लवानिया और रामप्रीत चौहान की भी मुश्किल बढ़ सकती है।




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