शिक्षकों के 20000 पद पर भी मंडराया खतरा:

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चालू शैक्षणिक सत्र में ही 5000 विद्यालय बंद करने की तैयारी की जा रही है इतना ही नहीं लगभग 20000 शिक्षकों के पद भी समाप्त करने की दिशा में सरकार विचार कर रही है। सूत्रों से पता चला है कि प्रत्येक जनपद में छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या 20 या उससे कम होगी वह सभी विद्यालय बंद किए जाएंगे और छात्रों को बगल के विद्यालय में मर्ज किया जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर छात्रों को बगल के विद्यालय में मर्ज किया जाएगा और छात्रों के घर से विद्यालय की दूरी अधिक हो जाएगी तो क्या वह उस स्कूल में जाना चाहेंगे इसका कोई जवाब विभाग के पास नहीं है। दरअसल यह दावा किया जा रहा है कि सरकार प्रतिवर्ष 5 से 10000 विद्यालय बंद करेगी और भविष्य में काम से कम 80000 विद्यालय को कम किया जा सकता है। यहां पर एक सवाल और खड़ा हो रहा है कि एक तरफ सरकार बीएड परीक्षाओं का एंट्रेंस एग्जाम आयोजित कर रही है वहीं दूसरी ओर एक से आठ तक के विद्यालय बंद करने की तैयारी चल रही है ऐसे में ब बीटीसी डीएलएड B.Ed के छात्र जिनकी संख्या में लाखों में है उनका आखिर क्या होगा इसका भी जवाब सरकार या अधिकारियों के पास नहीं है।
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