
कंट्री लिकर में भी उतर रहा है ABD ग्रुप, बढ़ेगी बाज़ार में प्रतिस्पर्धा
लखनऊ/पूर्वांचल। प्रदेश के शराब कारोबार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रीमियम और आईएमएफएल सेगमेंट में मजबूत पकड़ रखने वाला Allied Blenders & Distillers (ABD ग्रुप) अब कंट्री लिकर सेगमेंट में भी उतरने की तैयारी में बताया जा रहा है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, कंपनी राज्यवार रणनीति के तहत इस पारंपरिक लेकिन बड़े वॉल्यूम वाले बाजार में एंट्री प्लान कर रही है।
क्यों अहम है यह कदम?
कंट्री लिकर सेगमेंट में पहले से जमे खिलाड़ियों—खासकर Radico Khaitan—के लिए यह चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। रेडिको की ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ मानी जाती है। ABD की एंट्री से प्राइसिंग, स्कीम्स और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
मोलासेस बनाम मिलेट्स
सूत्र बताते हैं कि ABD मोलासेस बेस्ड प्रोडक्ट्स के साथ-साथ मिलेट्स (अनाज) आधारित विकल्प भी ला सकता है। यदि ऐसा होता है तो कंट्री लिकर सेगमेंट में प्रोडक्ट वैरायटी बढ़ेगी और ब्रांड पोजिशनिंग की नई जंग शुरू हो सकती है।
पूर्वांचल में खास फोकस
बाज़ार चर्चा है कि पूर्वांचल के जिलों में डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। गोरखपुर का केयर्न ग्रुपभी कई देशी शराब के कई ब्रांड लेकर आ सकता है ।नए साझेदार जोड़े जा सकते हैं। इससे मौजूदा कंपनियों के लिए ग्राउंड लेवल पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
रणनीतिक बढ़त?
उद्योग हलकों में यह भी चर्चा है कि रेडिको के पूर्व COO के ABD से जुड़ने के बाद कंपनी को राज्यवार संचालन और सप्लाई चेन की बेहतर समझ मिल रही है। इसे संभावित “स्ट्रेटेजिक एडवांटेज” के तौर पर देखा जा रहा है।
फिलहाल कंपनी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन यदि ABD ग्रुप कंट्री लिकर में उतरता है तो प्रदेश के शराब बाजार में बड़ा समीकरण बदल सकता है। आने वाले महीनों में प्रतिस्पर्धा और तेज होने के संकेत हैं।




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