
प्रतापगढ़: जनपद के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित कदम उठाया गया है। लंबे समय से बंद पड़े प्रतापगढ़ के एकमात्र हवाई अड्डे के पुनर्संचालन को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। यह हवाई अड्डा पृथ्वीगंज के पास द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बनाया गया था, जो वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहा, लेकिन अब एक बार फिर यह जनपद की प्रगति का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता को दिया जा रहा है, जिन्होंने लगातार इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो संगम लाल गुप्ता की सक्रियता, निरंतर प्रयास और शीर्ष नेतृत्व से मजबूत संपर्क इस सफलता की बड़ी वजह बने। बताया जाता है कि उनकी सीधी पहुंच नरेंद्र मोदी और अमित शाह तक है, जिसका लाभ प्रतापगढ़ को मिला।
जानकारी के अनुसार, हवाई अड्डे के पुनर्संचालन के बाद यहां से मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद सहित देश के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना है। इससे प्रतापगढ़ का संपर्क देश के बड़े आर्थिक और व्यावसायिक केंद्रों से सीधे तौर पर जुड़ जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
हवाई अड्डे के शुरू होने से न केवल बड़े निवेशकों की नजर प्रतापगढ़ पर पड़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को फायदा होगा। कृषि आधारित उद्योगों, विशेषकर आम और आंवला उत्पादों के लिए मशहूर प्रतापगढ़ को अपने उत्पाद देश-विदेश तक पहुंचाने में आसानी होगी। इसके अलावा मेडिकल और एजुकेशन सेक्टर में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय युवाओं के लिए यह परियोजना किसी बड़े अवसर से कम नहीं है। एयरपोर्ट के संचालन से सुरक्षा, ग्राउंड स्टाफ, तकनीकी सेवाओं, परिवहन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। इससे बेरोजगारी की समस्या को भी काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
जनपद के लोगों में इस खबर को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से पीछे छूटे प्रतापगढ़ के लिए यह निर्णय एक बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आया है। सामाजिक और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि संगम लाल गुप्ता ने जिस प्रतिबद्धता और गंभीरता के साथ इस परियोजना को आगे बढ़ाया, वह उनकी जनपद के प्रति निष्ठा को दर्शाता है।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हवाई अड्डे के पुनर्निर्माण, रनवे सुधार, आधुनिक सुविधाओं के विकास और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि जल्द से जल्द यहां से उड़ान सेवाएं शुरू हो सकें।
अब प्रतापगढ़वासियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस परियोजना पर कार्य कब तेजी से शुरू होता है और कब वे अपने जिले से ही हवाई यात्रा का सपना साकार होते देख पाते हैं। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो आने वाले समय में प्रतापगढ़ न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के हवाई नक्शे पर एक महत्वपूर्ण स्थान बना सकता है।




More Stories
रिजल्ट से पहले ही लीक हो गई पूरी लिस्ट: निष्पक्षता और पारदर्शिता का दावा हवा हवाई: आबकारी निरीक्षकों का तबादला फिर विवादों में
ऑनलाइन ट्रांसफर या “ऑफलाइन सेटिंग”? आबकारी विभाग में रिजल्ट से पहले ही पोस्टिंग की चर्चा से मचा बवाल:
ब्रेकिंग न्यूज़ | यूपी आबकारी विभाग में बड़ा फेरबदल: